केजरीवाल सरकार ने पेश किया 53 हजार करोड़ रूपये का बजट….

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budget 2018-2019

दिल्ली की सत्ता पर 3 सालों से काबिज केजरीवाल सरकार ने गुरुवार (22 मार्च) को चौथा बजट पेश किया. दिल्ली के उप मुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट को पेश करते हुए ‘पिछले सालों के मुकाबले दिल्ली का बजट डेढ़ गुना बढ़ गया है.’  सरकार इस साल 53,000 करोड़ रुपए का बजट लाई है. इसमें 42,000 करोड़ राजस्व से मिलेगा. स्थानीय निकायों को 6000 करोड़ रुपए से ज्यादा की वित्तीय मदद दी जाएगी. साथ ही सड़कों की मरम्‍मत के लिए अलग से 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.

दिल्‍ली के बजट की खास बातें…

  • दिल्ली पहला ऐसा राज्य बनेगा, प्रदूषण का डेटा पूरे साल भर इक्ट्ठा किया जाएगा
  • बजट का एक चौथाई हिस्सा शिक्षा व्यवस्था पर खर्च किया जाएगा.
  • दिल्ली के बजट में से 13% एमसीडी को खर्च के लिए दिया जाएगा.
  • दिल्ली सरकार पहली बार ग्रीन बजट ला रही है.
  • 1000 करोड़ से प्रदेश की सड़कों की मरम्मत का काम किया जाएगा.
  • कुल 53,000 करोड़ के बजट में से 42,000 करोड़ राजस्व से मिलेगा. मनीष सिसोदिया ने कहा CNG फिट निजी कारों को खरीदने पर 50 फीसदी रजिस्ट्रेशन चार्ज पर छूट मिलेगी.
  • फैक्ट्रियों में पीएनजी लगाने का प्रस्ताव दिया गया है, इसके लिए फैक्ट्रियों को 1 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी
  • दिल्ली को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त किया जा सके इसके लिए रेस्टोरेंट में 5000 रुपये प्रोत्साहन राशी दी जाएगी और रेस्टोरेंट में कोयला तंजदूर की जगह इलेक्ट्रिक तंदूर लगाए जाएंगे.
  • दिल्ली की जीएसडीपी में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. वर्तमान समय में दिल्ली की जीएसडीपी ग्रोथ 8.14 फीसदी है.

दिल्ली को मिलेंगी 1 हजार इलेक्ट्रिक बसें
दिल्लीवालों को तोहफा देते हुए केजरीवाल सरकार ने सड़कों पर एक हजार नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने की बात कही है. सिसोदिया ने कहा कि 1000 इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली के ग्रीन बजट का हिस्सा होंगी, हालांकि सिसोदिया ने यह भी कहा कि इन बसों को दिल्ली की सड़कों पर उतारा जाए इसके लिए एलजी के आदेश की आवश्यकता होगी.

आउटकम बजट में हुई थी कई बातें
इससे पहले विधानसभा में बुधवार को सिसोदिया ने आउटकम बजट पेश किया था. सिसोदिया ने आउटकम बजट ऑनलाइन मुहैया करवाते हुए कहा था कि आउटकम बजट में सरकार के 34 विभागों को शामिल किया गया है और इस बजट में आवंटित निधि के खर्च के माध्यम से किसी योजना का लेखा-जोखा पेश करने के सामान्य तरीके से इतर का जिक्र होगा. इसमें प्रत्येक योजना का आकलन दो सूचकांक से किया जाता है जिसमें आउटपुट और आउटकम है. किसी योजना विशेष के मद में सृजित ढांचा या प्रदत्त सेवा पर होने वाले विहित खर्च को आउटपुट कहा जाता है. साथ ही, उस खर्च से लाभान्वित लोगों की संख्या और वे किसी तरह उससे लाभान्वित हुए हैं, को आउटकम कहा जाता है.

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