केरल में बाढ़ से अब तक 77 की मौत, परिवहन सेवाएं ठप, कोच्चि एयरपोर्ट-मेट्रो भी बंद

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केरल में बाढ़ और भारी बारिश से हालात भयावह हैं। आजादी के बाद सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहे राज्य में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। जहां एक ओर नदियों का जलस्तर उफान पर है, वहीं दूसरी ओर भूस्खलन की घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई है। बाढ़ और बारिश से जुड़े हादसों में मरने वालों की तादाद बढ़कर 77 पहुंच गई है। इस बीच मौसम विभाग की मानें तो अभी राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने बारिश को लेकर राज्य में रेड अलर्ट जारी किया है।

चलक्कुडी नदी के पास पंडारनपारा इलाके में भूस्खलन की वजह से एक 62 वर्षीय महिला की मौत हो गई। वहीं नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से करीब 300 लोग फंस गए हैं। कोझिकोड में बुधवार रात लैंडस्लाइड की तीन घटनाएं हुई हैं। पूंजर क्षेत्र में बारिश की वजह से एक मकान गिर गया। इस हादसे में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई। मुन्नार में पोस्ट ऑफिस के नजदीक एक इमारत भारी बारिश में गिर गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 6 लोगों को बचा लिया गया। इसके साथ ही बाढ़ और बारिश से अब तक राज्य में 77 लोगों की मौत हो चुकी है।

इस बीच राहत और बचाव कार्यों में सेना से मदद ली जा रही है। रेस्क्यू में जुटे जवानों के लिए कोल्लम से 20 नावों को पतनमतिट्टा में लोगों की मदद के लिए भेजा गया है। इस बीच मौसम विभाग का अनुमान है कि राज्य के लोगों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिलने वाली है। गुरुवार को भी राज्य में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसको देखते हुए सभी शैक्षणिक संस्थाओं में छुट्टी घोषित की गई है। वहीं यूनिवर्सिटी में परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है।

पेरियार नदी के पास से करीब 4000 परिवारों को राहत शिविरों में ले जाया जा चुका है। उधर, एर्नाकुलम में 17,974 लोगों को 117 राहत शिविरों में ले जाया गया। बाढ़ प्रभावित एर्नाकुलम में 40 राहत शिविर खोले गए हैं, जहां 395 परिवारों के करीब 1180 लोग हैं।

बाढ़ की वजह से सेंट्रल केरल के कई हिस्सों में ट्रांसपॉर्ट सिस्टम ठप हो गया है। दक्षिणी रेलवे और कोच्चि मेट्रो ने गुरुवार को अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं। पेरियार नदी में बाढ़ का पानी बढ़ने से और लगातार जारी बारिश से मुल्लापेरियार, चेरुथोनी, इदुक्की जलाशय का कुछ हिस्सा और इदामलयार समेत सभी प्रमुख बांधों के गेट खोल दिए गए हैं। इससे निचले इलाकों में लोगों को काफी मुश्किल उठानी पड़ रही है।

कोच्चि शहर में बाढ़ की वजह से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। दक्षिण रेलवे के प्रवक्ता ने गुरुवार को जारी बयान में बताया, ‘अंगामाली और अलुवा के बीच ब्रिज नंबर 176 पर जलस्तर बढ़ने से यहां रेल सेवाओं को रोक दिया गया है।’ इसकी वजह से कई ट्रेनों को रद्द किया गया है और कुछ के रूट परिवर्तित किए गए हैं।

कोच्चि मेट्रो ने मट्टम यार्ड में पानी बढ़ने की वजह से गुरुवार सुबह अपने ऑपरेशन स्थगित कर दिए हैं। कोच्चि मेट्रो के प्रवक्ता का कहना है कि पानी का स्तर घटने के बाद ही सेवाओं को बहाल किया जाएगा। कोच्चि शहर को जोड़ने वाले कालामसेरी में नैशनल हाइवे डूबने की वजह से बस सेवाएं भी ठप हैं।

पेरियार नदी पर बने बांध का फाटक खोले जाने से कोच्चि इंटरनैशनल एयरपोर्ट में पानी घुस गया। इसके बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने वहां से शनिवार तक सभी उड़ानों का परिचालन निलंबित कर दिया और आने-जाने वाले सभी उड़ानों को तिरुवनंतपुरम या कालीकट स्थानांतरित कर दिया। नागर विमान मंत्रालय ने उड़ानों को मुंबई या अन्य स्थानों पर भेजने के बजाय केरल के अन्य हवाई अड्डों का इस्तेमाल करने का राज्य का अनुरोध मान लिया है।

नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट किया, ‘हमने सभी घरेलू और विदेशी एयरलाइनों से कोच्चि की अपनी उड़ानों के लिए त्रिवेंद्रम या कालीकट से समय सारणी तय करने को कहा है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संदर्भ में विशेष व्यवस्था की जरुरत होगी, जो आपातस्थिति को ध्यान में रखकर मंजूर की गई है। डीजीसीए समन्वय कायम कर रहा है।’

राज्य सरकार के इस अनुरोध पर कि छोटे विमानों को कोच्चि में नौसेना के हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाए, मंत्री ने कहा कि मंत्रालय छोटे विमान के लिए वैकल्पिक लैंडिंग स्थानों की संभावना पर गौर कर रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने नागर विमानन महानिदेशालय और विमानपत्तन प्राधिकरण को फंसे हुए यात्रियों को कॉलसेंटर सुविधा प्रदान करने तथा सभी बचाव एजेंसियों को जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है ताकि प्रकृति की इस मार को झेल रहे लोगों को यथासंभव सहयोग किया जाए।

इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने सचिवालय में आवश्यक बैठक बुलाई थी। उन्होंने अधिकारियों से तिरुवनंतपुरम और कोझिकोड में विमानों से उतरने वाले यात्रियों को राज्य सरकार की बसों से उनके गंतव्यों तक पहुंचाने का इंतजाम करने को कहा। कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (सीआईएएल) ने एहतियात के तौर पर बुधवार सुबह चार बजे से 18 अगस्त दोपहर 2 बजे तक हवाई अड्डे पर विमानों की आवाजाही रोकने का निर्णय लिया है।

निरंजन कुमार

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