केरल बाढ़: 5 दिन तक कम बारिश होने के आसार, मौत का आंकड़ा 200 पार

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भयानक बाढ़ से जूझ रहे केरल में मौसम विभाग ने अगले 5 दिन तक कम बारिश होने के आसार जताए। उधर केरल में बारिश की वजह से मौत का आंकड़ा 200 पार कर गया है। हालांकि बारिश के बाद भी केरल के सामने अभी कई चुनौतियां हैं जिसमें बीमारियां सबसे प्रमुख हैं।

केरल में इस पानी से होने वाली बीमारियों के प्रकोप से बचने के लिए चेतावनी जारी की गई है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि बारिश और बाढ़ की वजह से लेप्टोस्पाइरोसिस के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। यह बैक्टीरिया से फैलने वाली बीमारी है जो इंसान और जानवर दोनों को अपना शिकार बना सकती है। इसके बैक्टीरिया शरीर में कट के निशान के संपर्क में आने से उस व्यक्ति को संक्रमित कर देते हैं।

अतिरिक्त जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशादेवी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से बुखार और लेप्टोस्पाइरोसिस के अधिक मामले सामने आने की आशंका है। उन्होंने बताया, ‘हम बीमारियों की रोकथाम पर काम शुरू कर चुके हैं और राहत कैंपों में रह रहे लोगों को डॉक्सिसाइक्लिन टैबलेट बांट रहे हैं। वालनटिअर्स और स्वास्थ्य अधिकारियों को डॉक्सिसाइक्लिन टैबलेट लेने के बाद ही सफाई का करना चाहिए।’

उधर मलयाली प्रवासी के 10 डॉक्टरों के एक समूह ने फेसबुक पर एक पहल शुरू की है जिसके जरिए वे केरल के बाढ़ प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं और जरूरी सुविधा मुहैया करा रहे हैं। डॉक्टरों ने बीमारियों के फैलने की चेतावनी भी जारी की है।

एक बार फिर इडुक्की बांध का पानी रविवार शाम 4 बजे 2,402.3 फीट तक बढ़ गया। बताया जा रहा है कि 115 क्यूसेक मी/सेकंड पानी को बिजली बनाने में इस्तेमाल करते हुए बांध के अधिकारियों ने इसके पानी छोड़ने की मात्रा को घटाकर 800 क्यूसेक मी/सेकंड से 700 क्यूसेक मी/सेकंड कर दिया। इस वजह से ही बांध का जलस्तर बढ़ा हुआ दिख रहा किया जाने लगा। हालांकि इस क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में काफी कम बारिश दर्ज की गई है।

उधर कुछ दूरस्थ इलाकों में अभी भी बाढ़ का पानी तेजी से नहीं घट रहा है और लोग अभी भी वहां फंसे हुए हैं। राजस्व विभाग के अनुसार, अलाप्पुझा जिले के चेंगन्नुर में कम से कम 5 हजार लोग फंसे हुए हैं।

बाढ़ की वजह से केरल की सड़कों को भी काफी नुकसान हुआ है जिनकी मरम्मत के लिए बजट का प्रारंभिक अनुमान 4,441 करोड़ रुपये का लगाया जा रहा है। सीएम पी विजयन ने बताया, ‘एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी मिलकर सड़कों के जल्दी पुनर्निर्माण के लिए तैयार हैं।

निरंजन कुमार

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