उन्नाव गैंगरेप मामला: कुलदीप सिंह सेंगर ने तीस हजारी कोर्ट के ‘उम्र क़ैद’ फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में दी चुनौती.

उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gang Rape) मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) ने तीस हजारी कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में दी चुनौती.

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उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gang Rape) मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) ने तीस हजारी कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में दी चुनौती. तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. बता दें कि बीते 20 दिसंबर को उन्नाव रेप मामले (Unnao Rape Case) में दोषी पाए गए बीजेपी से निष्कासित किए जा चुके विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Sengar) को दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने उम्रकैद के साथ-साथ 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. सजा सुनते ही सेंगर कोर्ट में फूट-फूटकर रोने लगा था. सजा पर कोर्ट में बहस के दौरान कुलदीप सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) की ओर से वकील ने कहा कि उनकी (विधायक) दो बेटी हैं और पत्नी है, उनपर परिवार की जिम्मेदारी है.

कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) ने वकील ने अदालत से कहा था कि वह सभी उनपर निर्भर हैं. सेंगर के वकील ने कहा उनके ऊपर लोन भी है. बेटी की पढ़ाई के लिए लोन लिया था. वहीं पीड़िता के परिवार ने सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने पर संतोष जाहिर किया है. पीड़िता की तरफ से कहा गया कि कुलदीप विधायक है और उन्होंने इस मामले में अपने पद का दुरुपयोग किया. पीड़िता के वकील ने कहा कि कुलदीप सिंह को अधिकतम सजा देनी चाहिए. इस मामले में बिना किसी राहत के उम्रकैद की सजा देनी चाहिए.

बता दें कि इस साल 28 जुलाई को रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में कार व ट्रक की टक्कर में रेप पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी. पीड़िता और कार चला रहे उनके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे. पीड़ित परिवार का आरोप है कि कुलदीप सेंगर ने ही यह एक्सीडेंट करवाया था. इस मामले में भी सेंगर व अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. मामले के तूल पकड़ने के बाद बीजेपी पर दबाव बढ़ा और अगस्त में सेंगर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.

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