अगर गुरमीत राम रहीम सिंह ‘खेती’ नहीं करेगा तो राजनेता ”फ़सल” कैसे काटेंगे?- कुमार विश्वास

कुमार विश्वास ने कहा, 'हत्या-बलात्कार के आरोप में न्यायालय द्वारा सिद्ध मुजरिम राम-रहीम 'खेती' करने के लिए सरकारी-अनुमति पाकर जेल से बाहर आना चाहता है.

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हत्या और बलात्कार के मामले में जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह (Gurmeet Ram Rahim) ने पैरोल (Parole) की अर्जी दाखिल की है. उसने खेती करने के लिए पैरोल मांगी है.

जेल अधीक्षक ने गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim Singh) के पक्ष में रिपोर्ट भी दी है. इसके बाद यह मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है. कवि डॉ. कुमार विश्वास (Dr Kumar Vishvas) ने राम रहीम सिंह (Gurmeet Ram Rahim Singh) की पैरोल अर्जी के बहाने नेताओं पर तंज कसा है. कुमार विश्वास (Kumar Vishvas) ने Tweet कर कहा, ‘हत्या-बलात्कार के आरोप में न्यायालय द्वारा सिद्ध मुजरिम राम-रहीम ‘खेती’ करने के लिए सरकारी-अनुमति पाकर जेल से बाहर आना चाहता है. सही बात है…चार महीने बाद चुनाव हैं…वो ‘खेती’ नहीं करेगा तो राजनेता ”फ़सल” कैसे काटेंगे?

गुरमीत राम रहीम की तरफ से 42 दिनों की पैरोल अर्ज़ी दाखिल की गई है. इसके बाद जेल अधीक्षक ने सिरसा जिला प्रशासन को खत लिखा है. जेल अधीक्षक ने गुरमीत राम रहीम के पक्ष में रिपोर्ट दी है. जेल अधीक्षक ने पत्र में उल्लेख किया है कि गुरमीत का जेल में व्यवहार ठीक है और उसने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है.

जिला प्रशासन को एक रिपोर्ट रोहतक मंडल के आयुक्त को सौंपने के लिए कहा गया है. सिरसा पुलिस ने पत्र मिलने के बाद राजस्व विभाग से यह जानने के लिये संपर्क किया है कि डेरा प्रमुख के पास कितनी जमीन है. सिरसा के पुलिस उपाधीक्षक राजेश कुमार ने बताया, “हमने राजस्व विभाग से पूछा है कि उनके नाम पर कितनी जमीन है. इसकी जानकारी मिलनी अभी बाकी है.” दूसरी तरफ, इस मामले में हरियाणा सरकार के मंत्री केएल पंवार ने भी कहा है कि सभी दोषियों को दो साल बाद पैरोल का हकदार माना जाता है.

उन्होंने कहा कि अगर किसी दोषी का जेल में अच्छा आचरण होता है, तो जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर अंतिम फैसला लेते हैं. अधिकारियों के अनुसार जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह (Gurmeet Ram Rahim Singh) ने हरियाणा के सिरसा में अपने खेतों में खेती करने के लिए एक महीने से अधिक समय की पैरोल मांगी है. गौरतलब है कि 51 साल का गुरमीत बलात्कार के दो मामलों और पत्रकार की हत्या में दोषी ठहराए जाने के बाद से रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है. गुरमीत (Gurmeet Ram Rahim) को दो महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में अगस्त 2017 में 20 साल कैद की सजा सुनाई गई थी. पंचकुला में सीबीआई की विशेष अदालत ने इस साल जनवरी में उसे और तीन अन्य दोषियों को एक पत्रकार की हत्या के 16 साल पुराने मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

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