हम न नम्रता छोड़ेगे, न विवेक छोड़ेंगे, न आदर्शों को छोड़ेंगे और ना ही संस्कारों को छोड़ेंगे.” – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में भाजपा (BJP) नीत राजग की विजय को ‘हिन्दुस्तान, लोकतंत्र और जनता की विजय’ बताया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में भाजपा (BJP) नीत राजग की विजय को ‘हिन्दुस्तान, लोकतंत्र और जनता की विजय’ बताया और कहा कि भाजपा देश के संविधान एवं संघवाद के प्रति समर्पित है तथा केंद्र एवं राज्य देश की विकास यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने साथ ही कहा कि सरकार भले ही बहुमत से चलती हो लेकिन देश सर्वमत से चलता है और हम इस विचार के साथ सभी को साथ लेकर चलेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने कहा ”चुनावों के बीच क्या हुआ, वो बात बीत चुकी है. हमें सबको साथ लेकर चलना है. घोर विरोधियों को भी देशहित में साथ लेकर चलना है. इस प्रचंड बहुमत के बाद भी नम्रता के साथ लोकतंत्र की मर्यादाओं के बीच चलना है. संविधान हमारा सुप्रीम है, उसी के अनुसार हमें चलना है.”

”आने वाले दिनों में वह बदइरादे से, बदनियत से कोई काम नहीं करेंगे. मुझे अपने लिए कुछ नहीं चाहिए, मेरे समय का पल-पल और शरीर का कण-कण देशवासियों के लिये समर्पित है.”

”अब देश में सिर्फ दो जाति ही रहने वाली हैं और देश इन दो जातियों पर ही केंद्रित होने वाला है. 21वीं सदी में भारत में एक जाति है- गरीब और दूसरी जाति है- देश को गरीबी से मुक्त कराने के लिए कुछ न कुछ योगदान देने वालों की.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने कहा ”भाजपा की एक विशेषता है कि हम कभी दो भी हो गए, लेकिन हम कभी अपने मार्ग से विचलित नहीं हुए. आदर्शों को ओझल नहीं होने दिया. हम न रुके, न झुके, न थके. कभी हम दो हो गए, तो भी और आज दोबारा आ गए, तो भी. दो से दोबारा आने की यात्रा में कई उतार चढ़ाव आए. हम दो थे, तब भी निराश नहीं हुए. अब दोबारा आए हैं तब भी न नम्रता छोड़ेगे, न विवेक को छोड़ेंगे, न हमारे आदर्शों को छोड़ेंगे, न हमारे संस्कारों को छोड़ेंगे.”

”अगर कोई विजयी हुआ है तो हिंदुस्तान विजयी हुआ है. अगर कोई विजयी हुआ है तो लोकतंत्र विजयी हुआ है, जनता-जनार्दन विजयी हुई है.”

”भाजपा देश के संविधान एवं संघवाद के प्रति समर्पित है और केंद्र एवं राज्य देश की विकास यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे.”

”ये मोदी की विजय नहीं है. ये देश में ईमानदारी के लिए तड़पते हुए नागरिक की आशा-आकांक्षा की विजय है. यह 21वीं सदी के सपनों को लेकर चल पड़े नौजवान की विजय है.”

”ये विजय आत्मसम्मान, आत्मगौरव के साथ एक शौचालय के लिए तड़पती हुई मां की विजय है. ये विजय उस बीमार व्यक्ति की है जो 4-5 साल से पैसों कमी की वजह से अपना उपचार नहीं करवा पा रहा था और आज उसका उपचार हो रहा है. ये उसके आशीर्वाद की विजय है.”

”ये विजय देश के उन किसानों की है, जो पसीना बहाकर राष्ट्र का पेट भरने के लिए हलकान रहते हैं. ये उन 40 करोड़ असंगठित मजदूरों की विजय है, जिन्हें पेंशन योजना लागू करके सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है.”

”यह पहला चुनाव था जिसमें एक भी राजनीतिक दल धर्मनिरपेक्षता का नकाब पहनकर देश को गुमराह नहीं कर पाया. इस चुनाव में एक भी विरोधी दल महंगाई मुद्दा नहीं बना पाया, कोई भी दल हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उसे मुद्दे नहीं बना पाया.”

”भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए, देश की एकता और अखंडता के लिए जनता ने इस चुनाव में एक नया विमर्श सामने रखा है.”

”आज देश के कोटी-कोटी नागरिकों ने इस फ़कीर की झोली को भर दिया और भारत के 130 करोड़ नागरिकों का वह सिर झुका कर नमन करते हैं. 2019 के मतदान का आंकड़ा अपने-आप में लोकतांत्रिक विश्व के इतिहास की सबसे बड़ी घटना है.”

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