आज फिर लोकसभा हंगामे की भेंट चढ़ी, सदन दिनभर के लिए स्थगित

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सरकार ने सोमवार (19 मार्च) को लोकसभा में अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही, लेकिन विभिन्न मुद्दों पर वाईएसआर कांग्रेस, टीआरएस और अन्नाद्रमुक आदि दलों के भारी हंगामे का हवाला देते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में असमर्थता प्रकट की. भारी शोर-शराबे के चलते सदन की बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी. एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे सदन की बैठक पुन: शुरू होने पर अध्यक्ष ने हंगामे के बीच ही आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए और तेदेपा के टी नरसिंहन और वाईएसआर कांग्रेस के वाई वी सुब्बारेड्डी द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस का उल्लेख किया.

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि सदन में व्यवस्था नहीं होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. सदन में मौजूद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है और सभी दल सहयोग दें.

आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून के प्रावधानों को पूरी तरह से लागू किये जाने की मांग को लेकर तेलुगू देशमा पार्टी और वाईएसआर कांग्रेस बजट सत्र के दूसरे हिस्से की शुरुआत से ही संसद में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

सरकार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार सदस्यों द्वारा उठाए जा रहे सभी मुद्दों पर और अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से ही हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही लगातार बाधित है. शोर-शराबे के बीच ही राजनाथ ने कहा, ‘‘सत्तापक्ष की मंशा स्पष्ट है कि हम किसी भी सदस्य और किसी भी दल द्वारा उठाए गए मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. सरकार के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, हम उस पर भी चर्चा के लिए तैयार हैं. सभी सहयोग दें और अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू कराएं.’’ हंगामा बदस्तूर जारी रहा.

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