Manifesto-2019: भाजपा vs कांग्रेस, पढ़ें- तुलनात्मक रिपोर्ट

भाजपा ने अपना चुनावी घोषणा पत्र ‘संकल्प’ जारी कर दिया है। कांग्रेस ने दो अप्रैल को अपना घोषणा पत्र ‘हम निभाएंगे’ जारी किया था।

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भाजपा (BJP) ने अपना चुनावी घोषणा पत्र ‘संकल्प’ जारी कर दिया है। कांग्रेस (Congress) ने दो अप्रैल को अपना घोषणा पत्र ‘हम निभाएंगे’ जारी किया था। दोनों प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों का घोषणा पत्र जारी होने के बाद इनकी तुलना (Comparison) की जा रही है। मतदाता के लिए भी दोनों पार्टियों के घोषणा पत्रों की प्रमुख बातें और उनकी तुलना करना जरूरी है, ताकि वह आसानी से इन पार्टियों के वादे समझ सकें और आगामी चुनाव (Lok Sabha Election 2019) में सही तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

कृषि क्षेत्र व किसान

कांग्रेसः किसानों के लिए अलग बजट का वादा, ताकि एमएसपी समेत सभी जानकारियां किसानों तक आसानी से पहुंच सकें। उन्हें सभी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। किसानों द्वारा कर्ज अदा न कर पाने को गंभीर अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक अपराध माना जाएगा।

भाजपाः कृषि और ग्रामीण सेक्टर में 25 लाख करोड़ के निवेश से खेती और किसानों की हालत को बेहतर करेंगे। ब्याज मुक्त कृषि लोन व क्रेडिट कार्ड। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी। 60 साल बाद पेंशन। लैंड डिजिटल रिकार्ड। सभी किसानों को 6000 रुपए का इनकम सपोर्ट दिया जाएगा और 60 साल की आयु के बाद पेंशन।

शिक्षा और स्वास्थ्य

कांग्रेसः शिक्षा व्‍यवस्‍था को बेहतर करने के लिए जीडीपी का छह प्रतिशत धन खर्च किया जाएगा। इसके तहत स्कूिल, कॉलेज और नए संस्थाकनों को स्थाापित किया जाएगा। गरीब लोगों को बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं देने के लिए सरकारी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।

भाजपाः 75 नए मेडिकल और पीजी कॉलेज खोले जाएंगे ताकि डॉक्टरों की कमी न हो और उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिले। सभी के लिए शिक्षा (एजुकेशन फॉर ऑल)। इंजीनियरिंग और कानून की शिक्षा देने वाले कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

रोजगार के अवसर

कांग्रेसः देश भर में खाली 22 लाख सरकारी पदों को भरने का ऐलान किया। राहुल ने कहा कि यह पद मार्च 2020 तक भर दिए जाएंगे। युवाओं की बेरोजगारी दूर करने के लिए ग्राम पंचायतों में खाली पड़े पदों को भरा जाएगा। इन पंचायतों में दस लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को 100 दिन की बजाए 150 दिन तक रोजगार देने का वादा किया।

भाजपाः रिटेल सेक्टर के लिए नेशनल पॉलिसी बनेगी, ताकि रोजगार के लाखों अवसर पैदा हों। भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले 22 उत्कृष्ट क्षेत्रों की पहचान कर, रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे। उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों जैसे रक्षा एवें फार्मास्युटिकल में रोजगार सृजन पर जोर। उत्तर पूर्व में रोजगार सृजन के लिए नई योजना उद्यमशील उत्तरपूर्व लाएंगे। रोजगार सृजन के लिए स्टार्टअप बढ़ाने पर विशेष जोर होगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा

कांग्रेसः रक्षा और सुरक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए घरेलू क्षमता विकसित करने का वादा। सार्वजनिक क्षेत्र के अलावा निजी क्षेत्र की उन कंपनियों की विनिर्माण क्षमता बढ़ाएंगे, जिनके पास पूर्व योग्यता है। देश की सीमाओं पर सुरक्षा, डाटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, वित्तीय सुरक्षा, संचार सुरक्षा, व्यापार मार्गों को सुरक्षित करेंगे। रक्षा संबंधि मामलों पर प्रमुख सलाहकार के रूप में रक्षा स्टाफ के प्रमुख (सीडीएस) कार्यालय की स्थापना। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के कार्यालय को वैधानिक आधार।

भाजपाः राष्ट्रीय सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस। आतंकवाद से मुकाबला करने को सुरक्षा बलों को फ्री हैंड। रक्षा उपकरण व हथियारों की खरीद में तेजी और आधुनिकीकरण। रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन दे, ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करना। रक्षा उपकरण की खरीद में आत्मनिर्भरता। सीमावर्ती क्षेत्रों में विकासात्मक और आवश्यक ढांचा निर्माण करेंगे। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर छह इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट।

आंतरिक सुरक्षा

भाजपाः आंतरिक सुरक्षा के लिए केंद्रीय पुलिस बलों का आधुनिकीकरण। राज्य पुलिस के आधुनिकीकरण में सहायता। साइबर क्राइम जैसे अपराधों से निपटने के लिए पुलिस सुधार में तेजी लाएंगे। वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध अगले पांच वर्षों में और सख्त कदम उठाएंगे।

कांग्रेसः आंतरिक सुरक्षा के लिए खुफिया तंत्र, सटीक विश्लेषण और त्वरित प्रतिक्रिया को सुदृढ़ करने के लिए बहुसंस्था केंद्र और एनएसजी क्षेत्रीय केंद्र व राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी केंद्र (NCTC) और नेटग्रिड (NATGRID) की स्थापना प्रस्तावित की थी। NCTC की स्थापना तीन महीने में और नेटग्रिड दिसंबर 2019 में शुरू कर देंगे।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370

भाजपाः हम जनसंघ के समय से अनुच्छेद 370 के बारे में अपने दृष्टिकोण को दोहराते हैं। जम्मू-कश्मीर में लागू धारा-370 समेत 35ए को खत्म करेंगे। 35ए गैर स्थायी निवासियों और महिलाओं के खिलाफ भेदभाव पूर्ण है। साथ ही जम्मू-कश्मीर के विकास में बाधक है। कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करेंगे।

कांग्रेसः अनुच्छेद 370 व 35ए को बदलने की न तो अनुमति दी जाएगी और न ही ऐसा प्रयास करेंगे। स्थानीय लोगों के मुद्दों का बातचीत के जरिए सम्मानजनक समाधान। सीमा पर पूरी दृढ़ता के साथ घुसपैठ रोकने का प्रयास करेंगे। घाटी में सेना और सीआरपीएफ की तैनाती कम करते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस को अधिक जिम्मेदारी दी जाएगी।

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