नहीं सुलझ रहा मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच विवाद

पार्टी के दोनों दिग्गजों की यह कवायद विधायकों को एकजुट रखने के साथ गिले-शिकवे दूर करने की कोशिश के रूप में देखी जा सकती है।

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प्रदेश की सियासत में चल रही उठापटक के बीच विपरीत ध्रुव माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की सोमवार को गुना में बंद कमरे में 45 मिनट की मुलाकात होने वाली है। दोनों नेता दिल्ली से आ रहे हैं। नेताओं के बीच इस मुलाकात के कई मायने भी निकाले जा रहे हैं। राज्यसभा चुनाव भी इसकी एक अहम क़़डी माना जा रहा है, जिसमें कांग्रेस को दो सीटें मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके चलते कांग्रेस कोई जोखिम नहीं उठाना चाह रही है।

पार्टी के दोनों दिग्गजों की यह कवायद विधायकों को एकजुट रखने के साथ गिले-शिकवे दूर करने की कोशिश के रूप में देखी जा सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) का राज्यसभा का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इसी दिन दो अन्य भाजपा नेताओं प्रभात झा व सत्यनारायण जटिया का भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

कांग्रेस (Congress) में राज्यसभा टिकट को लेकर अटकलबाजियां चल रही हैं। पार्टी को मिलने वाली दो सीटों पर प्रत्याशी चयन पर हाईकमान को फैसला करना है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की पसंद माने जाने वाले सिंधिया प्रदेश की राजनीति में चल रहे घटनाक्रम की वजह से असहज दिखाई देने लगे हैं। इसी तरह दिग्विजय सिंह भी अपने टिकट को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हैं।

यह माना जा रहा है कि दो सीटों में से एक टिकट मध्य प्रदेश के किसी नेता को दिया जाएगा और एक टिकट प्रदेश के बाहर के किसी व्यक्ति को दिया जा सकता है। ऐसे में दिग्विजय सिंह और सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की गुना में होने वाली मुलाकात को अहम माना जा रहा है।

कांग्रेस-भाजपा के तीन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने पर इन सीटों के लिए अप्रैल में चुनाव होना है। रिक्त सीटों पर चुनाव के फार्मूले के हिसाब से हर एक प्रत्याशी को 58 विधायकों का समर्थन जरूरी होगा। अभी विधानसभा में 228 विधायक संख्या है, जिसमें से कांग्रेस के पास 114 व भाजपा के 107 विधायक हैं। इस हिसाब से कांग्रेस और भाजपा को एक-एक सीट जीतने में आसानी होगी। दूसरी सीट के लिए बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी व निर्दलीय विधायकों का समर्थन जरूरी होगा। कांग्रेस को इसके लिए दो अन्य विधायकों के साथ की आवश्यकता होगी तो भाजपा को कम से कम नौ विधायकों का समर्थन आवश्यक होगा।

सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) 24 फरवरी को भोपाल आ रहे हैं। वे यहां सुबह विमान से भोपाल आएंगे और करीब एक घंटे निजी होटल में रकने के बाद रवाना होकर चंदेरी के विधायक गोपाल सिंह चौहान के पुत्र के वैवाहिक समारोह में शामिल होंगे। रात को ही वे ललितपुर से दिल्ली चले जाएंगे। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 23 को दिल्ली से झांसी पहुंचेंगे और वहां से ओरछा, निवाड़ी, टीकमगढ़ होते हुए अशोक नगर चंदेरी आएंगे। वे 24 फरवरी को चंदेरी, अशोक नगर, गुना होते हुए इंदौर जाएंगे और रात को दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

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