मालदीव की चीन और पाकिस्तान से दोस्ती, भारत के लिए बड़ा खतरा

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मालदीव में अब्दुल्ला यामीन ने आपातकाल को बेशक वापस ले लिया है लेकिन उनके कुछ फैसले भारत को नाराज कर सकते हैं। दरअसल मालदीव सरकार द्वारा ना केवल चीन को बल्कि पाकिस्तान को भी तवज्जो देना है। हालिया मामला भारत को दरकिनार करते हुए पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा को बातचीत के लिए बुलाने का है। इस बारे में भारत सरकार को कोई जानकारी नहीं दी गई। गोरतलब यह है कि इंडिया फस्र्ट की नीति होने के बावजूद पहले कि सरकारों की तरह वतर्मान सरकार ने भारत के अहम मुददों पर चर्चा करके उसे विष्वास में नहीं लिया।

इंडिया फर्स्ट की नीति होने के बावजूद पहले कि सरकारों की तरह वर्तमान सरकार ने भारत के अहम मुद्दों पर चर्चा करके उसे विश्वास में नहीं लिया। इन मामलों में भारत की नाक के नीचे मालदीव में चीन को ओसिएन ऑबजर्वेटरी बनाने की अनुमति देना और देश में निवेश करना शामिल है। जहां एक तरफ मालदीव की अब्दुल्ला यामीन की सरकार ने आपातकाल हटा लिया है, वहीं मालदीव के कई फैसले भारत को नाराज करने वाले हो सकते हैं। मालदीव सरकार द्वारा जिस तरह चीन पॉलिसी ही नहीं बल्कि पाकिस्तान को भी तवज्जो दी जा रही है, वह वाकई भारत को परेशान करने वाला हो सकता है। ताज़ा सूत्रों के हवाले से मिली सूचना के अनुसार मालदीव भारत को किनारे करते हुए पाक आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा के दौरे को लेकर चर्चा का है।

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