NRC पर बीजेपी के खिलाफ ममता बनर्जी, दिल्ली दौरे पर बनाएगी रणनीति

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीजेपी के खिलाफ मोर्चेबंदी के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी हैं। असम में एनआरसी रजिस्टर पर केंद्र को घेरने वाली ममता आज से दिल्ली के तीन दिन के दौरे में सोनिया गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं से मुलाकात करने वाली हैं। ममता की यह मुलाकात उनकी फेडरल फ्रंट बनाने की कवायद का हिस्सा माना जा रहा है। आज ममता नैशनल रजिस्टर पर बीजेपी को घेरने के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगेंगी।

ममता असम में सोमवार को जारी किये गए NRC रजिस्टर के मुद्दे पर भी केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगी। ममता ने इस मसले पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला था और बांग्ला कार्ड खेलते हुए इसका विरोध किया था। NRC के मुद्दे पर टीएमसी के सांसद असम भी जाने वाले हैं।

कांग्रेस भी NRC पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है। पश्चिम बंगाल से कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इस मसले पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। टीएमसी सासंद सौगत रॉय ने भी इसी मसले पर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।

ममता ने सोमवार को कहा था कि लोगों के पास, ‘ आधार कार्ड है, पासपोर्ट भी है, लेकिन लिस्ट में लोगों का नाम नहीं है। वहां के लोगों के नाम लिस्ट में से इरादतन हटाए गए हैं साथ ही सरनेम देखकर लोगों का नाम एनआरसी की लिस्ट से हटाया गया। क्या सरकार जबरन लोगों को देश से निकालना चाह रही है?’ ममता ने कहा कि सिटिजन रजिस्टर की लिस्ट से बंगाली प्रभावित होंगे। ममता ने कहा, ‘जिन 40 लाख लोगों के नाम लिस्ट में नहीं हैं, वह कहां जाएंगे? क्या सरकार के पास उनके पुनर्वास के लिए कोई प्रोग्राम है। आखिरकार इसे बंगाल को ही भुगतना पड़ेगा। यह सिर्फ बीजेपी की वोट पॉलिटिक्स है। मेरी गृह मंत्री से गुजारिश है कि वह इसमें संशोधन करें।’ सोमवार को लिस्ट पर टीएमसी सांसदों ने संसद में जमकर हंगामा किया।

नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप पर असम में काफी समय तक विवाद रहा। 2005 में केंद्र और राज्य सरकार के बीच एनआरसी लिस्ट अपडेट करने के लिए समझौता भी हुआ लेकिन, इसकी धीमी रफ्तार के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। 2015 में शीर्ष अदालत के आदेश पर असम में नागरिकों के सत्यापन का काम शुरू हुआ। इसके बाद पिछले साल दिसंबर के अंत में एनआरसी का पहला ड्राफ्ट पब्लिश किया गया। कोर्ट ने 31 दिसंबर 2017 से पहले पहला ड्राफ्ट पब्लिश करने का आदेश दिया था।

सूत्रों की माने तो ममता नाराज चल रहे बीजेपी के नेताओं यशवंत सिन्हा और शत्रुध्न सिन्हा से भी मिलेगी इसके साथ ही आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से भी मुलाकात करेंगी। अभीतक फेडरल फ्रंट में कांग्रेस को शामिल करने से हिचकिचाने वाली ममता बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों को एक करने की कोशिश के तहत अब अपना रुख लचीला करती दिख रही हैं। गौरतलब है कि ममता ने बीजेपी का मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों का एक गठबंधन बनाने के लिए हाल ही में नैशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की थी। ‘फेडरल फ्रंट’ की कोलकाता में 19 जनवरी को होने वाली एक रैली के लिए ममता विपक्षी नेताओं को आमंत्रित कर सकती हैं।

निरंजन कुमार

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