‘Mardaani 2’ Review: मौजूदा हालात में दमदार परफॉर्मेंस वाली फ़िल्म

निर्देशक गोपी पुथरन (Gopi Puthran) ने फिल्म की पटकथा लिखी है। वह दर्शकों पर अपनी पकड़ लगातार बनाए रखती है। फिल्म के हर दृश्य में उत्सुकता के साथ भयावहता बनी रहती है।

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समाज के कुछ तबके ऐसे हैं, जो औरत को बराबरी का दर्जा देना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं और औरत को सिर्फ उपभोग की वस्तु समझते हैं। फिल्म ‘मर्दानी 2’ कुछ ऐसे ही विषय-वस्तु पर आधारित है। शिवानी शिवाजी रॉय (Rani Mukherjee) एक IPS ऑफिसर है. मासूम लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं की जांच करते हुए शिवानी को अपने ही डिपार्टमेंट की रूढ़िवादी सोच का सामना करना पड़ता है और इसी राजनीति के तहत उसका तबादला कोटा शहर में SP के पद पर हो जाता है।

कोटा शहर में महिलाओं के ख़िलाफ़ दुष्कर्म और हत्याकांड का सिलसिला शुरू होता है। शिवानी को 3 दिनों में इस नर पशु को पकड़ना है जो मनोवैज्ञानिक रूप से बीमार और चालाक। क्या शिवानी पकड़ पाएगी या नहीं, इसी ताने-बाने पर बुनी गई है मरदानी2।

निर्देशक गोपी पुथरन (Gopi Puthran) ने फिल्म की पटकथा लिखी है। वह दर्शकों पर अपनी पकड़ लगातार बनाए रखती है। फिल्म के हर दृश्य में उत्सुकता के साथ भयावहता बनी रहती है। फिल्म के माध्यम से जो संदेश देना चाहते थे, वह पूरी तरह से सफल हुआ है। शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में रानी मुखर्जी (Rani Mukherjee) पूरी तरह से अपनी भूमिका को जीवंत करती नजर आती हैं।

खासतौर पर क्लाइमैक्स के दृश्य में जब वह रोती हैं और उसके के बाद उनके चेहरे पर जो निश्चय का भाव आता है, उस दृश्य में वह कमाल कर जाती हैं। फिल्म में ख़ूंखार अपराधी का किरदार निभा रहे विशाल जेठवा (Vishal Jethwa) ने अभूतपूर्व परफॉर्मेंस दी है। उनके पर्दे पर आते ही दर्शकों के दिलों में किरदार के लिए नफरत की इंतेहा खुद पैदा हो जाती है।

एक सशक्त अभिनेता के रूप में विशाल जेठवा (Vishal Jethwa) को आगे भी इतनी अच्छी भूमिकाएं बॉलीवुड देगा, उम्मीद की जा सकती है। आज के परिप्रेक्ष्य में मरदानी 2 एक आवश्यक फिल्म है। आवश्यक इसलिए, ताकि इसी तरह की फिल्मों से शायद समाज के उन तबकों में थोड़ी समझ पैदा हो, जो औरत को दोयम दर्जे का मानते हैं। साथ ही ऐसे हालातों की शिकार लड़कियां लड़ने के लिए प्रेरित हो सकें।

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