आपरेशन बालाकोट में हुई थी यह भारी चूक – एयरचीफ मार्शल भदौरिया

भारतीय सशस्त्र बल की मिसाइल ने ही MI-17 हेलीकॉप्टर को हिट किया था। इस दुर्घटना में वायुसेना के छह जवान शहीद हुए और एक नागरिक की जान चली गई थी।

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पूर्व वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल आपरेशन बालाकोट के बाद वायुसेना के हेलीकॉप्टर MI-17 की दुर्घटना पर हमेशा सच बोलने से कतराते रहे। वायसेना मुख्यालय ने भी कभी जुबान नहीं खोली, लेकिन देश के नये वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल राकेश भदौरिया (Air Chief RKS Bhadauria) ने सच को कुबूल कर लिया।

वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल भदौरिया Air Chief RKS Bhadauria ने माना कि आपरेशन बालाकोट के दौरान यह चूक हुई थी। भारतीय सशस्त्र बल की मिसाइल ने ही MI-17 हेलीकॉप्टर को हिट किया था। इस दुर्घटना में वायुसेना के छह जवान शहीद हुए और एक नागरिक की जान चली गई थी। अब वायुसेना की योजना इस तरह की खामियों को दूर करने के लिए अपने कमान एंड कंट्रोल सिस्टम को चुस्त-दुरुस्त करने की है।

27 फरवरी को भारतीय वायुसैनिकों को लगा था कि पाकिस्तान का हेलीकॉप्टर भारतीय सीमा में आ गया है। जबकि भारतीय वायुसेना के हर फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर, लॉजिस्टिक सपोर्ट हेलीकॉप्टर पर पहचान के चिन्ह अंकित होते हैं। श्रीनगर के पास तैनात वायुसेना के कमान एंड कंट्रोल सिस्टम ने हेलीकॉप्टर की भनक लगते ही स्पाइडर एयर डिफेंस मिसाइल (SPYDER air defence missile) प्रणाली से MI-17 को निशाना बनाया और पलक झपकते ही हेलीकाप्टर जमीन पर मलबे में तब्दील हो गया।

पहले इस हेलीकॉप्टर को पाकिस्तान द्वारा गिराए जाने की खबरें आई। इस पर पाकिस्तान ने सफाई दी। बाद में भारतीय वायुसेना ने बोर्ड ऑफ इंक्वायरी (Board Of Inquiry-BOI) का गठन किया। अब एयर चीफ मार्शल का कहना है कि जांच पूरी हो गई है। वायुसेना के दो अफसरों पर जल्द ही इस लापरवाही की गाज गिरने वाली है।

MI-17 हेलीकॉप्टर को वायुसेना की ही मिसाइल से गिराए जाने की घटना ने साख पर सवाल पैदा कर दिया है। सैन्य सूत्र भी इसे बहुत गंभीर घटना मान रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक पूर्व एयर मार्शल ने बताया कि आपरेशन बालाकोट (Operation Balakot) कोई पूर्ण युद्ध नहीं बल्कि एक संक्षिप्त टारगेट बेस्ड आपरेशन था। एक छोटे से सैन्य आपरेशन में तालमेल और आपरेशनल क्षमता की यह कमी वायुसेना की साख पर सवाल उठा रहे हैं।

यह वायुसेना के वार रूम और कमान एंड कंट्रोल प्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। हालांकि सूत्र का कहना है कि वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल (Air Chief RKS Bhadauria) ने वायुसेना की चूक मान ली है और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में इस तरह की गलती नहीं होगी, लेकिन सैन्य इतिहास में इसे एक बड़ी लापरवाही माना जाएगा। सूत्र के मुताबिक आपरेशन बालाकोट भारतीय वायुसेना के खाते में दर्ज एक बेहतर सैन्य आपरेशन है, लेकिन सैन्य समीक्षा में इसे अच्छा आपरेशन नहीं कहा जाएगा।

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद हुए आपरेशन बालाकोट और उसके बाद युद्ध जैसे हालात से निबटने के प्रयास में भारतीय वायुसेना ने कई सबक लिए हैं। विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान आपरेशन बालाकोट के बाद बनी सैन्य टकराव की स्थिति के हीरो हैं, लेकिन विंग कमांडर द्वारा अपने फाइटर प्लेन के साथ भारतीय सीमा को पार कर पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश करना, पाकिस्तान के लड़ाकू विमान को हिट करना और इसके बाद उनका पाकिस्तान के क्षेत्र में पैराशूट से उतरना भी एक सबक माना जा रहा है। वायुसेना इसके सभी पहलुओं पर व्यापक अध्ययन करने के बाद अपनी आपरेशनल क्षमता को धार देने में लगी है।

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