आधी रात खुले सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे, जानिए खास वजह

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कर्नाटक चुनाव ख़त्म होने के बाद भी पार्टियों और त्रिशंकु का घमाशान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। चुनावी नतीजे आने के बाद यह मसला और भी गरमा गया है। बता दें बीजेपी को 104 और कांग्रेस+जेडीएस को 78+38 (116)। इसी बीच राज्य के राज्यपाल वीजू भाई ने येदियुरप्पा को शपथ दिलवाने के बाद देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को राज्य में सरकार बनाने का आमंत्रण दे दिया लेकिन बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल वीजू भाई से 15 दन का समय माँगा है।

बता दें राज्यपाल के इस फैसले से नाखुश होकर विपक्षी पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और बीजेपी को सरकार बनाने से रोकने के लिए कोर्ट से जल्द से जल्द सुनवाई की अपील की है। इसके लिए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने तीन जज जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोबड़े की बेंच गठित कर सुनवाई का आदेश दिया। राजनीती में ऐसा पहली बार नहीं है जब आधी रात को सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खुले गए हो। कांग्रेस और जेडीएस की अपील पर कोर्ट ने देर रात 1 बजकर 45 मिनट पर सुनवाई की। कोर्ट में कांग्र्स और जेडीएस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी तो वहीं भाजपा का पक्ष रखने के लिए पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी मौजूद थे। भारतीय न्यायिक इतिहास में ऐसा दूसरी बार है जब किसी मामले की सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खुला।

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