हिमाचल प्रदेश में क्रैश हुआ मिग-21 फाइटर जेट, पायलट की मौत

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फतेहपुर में एयरफोर्स का फाइटर प्लेन मिग-21 क्रैश हो गया। पंजाब के पठानकोट एयरबेस से बुधवार दोपहर 12:20 बजे टेक ऑफ करने के बाद इंडियन एयरफोर्स मिग-21 फाइटर प्लेन थोड़ी ही देर बाद 01:21 बजे कांगड़ा के फतेहपुर की पट्टा जातियां पंचायत के झुलाड़ गांव में क्रैश हो गया।

इस हादसे के बाद पायलट लापता है, जिनकी तलाश जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हवा में ही विमान के टुकड़े-टुकड़े हो रहे थे। आखिर में यह एक पेड़ से टकरा गया, जिससे आग लग गई और जलता हुआ खेतों में गिर गया।

जिस जगह विमान क्रैश हुआ, वहां 15 से 20 फीट गहरा गड्ढा हो गया है। आधा किलोमीटर तक विमान का मलबा फैला हुआ है। उधर, हादसे की सूचना मिलते ही दोपहर बाद करीब दो बजे पठानकोट से वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर जेडबी 1445 व जेड 3152 घटनास्थल पर उतरे और जांच शुरू कर दी।

स्थानीय जवाली पुलिस, अग्निशमन विभाग की गाडि़यां और 108 एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर जांच टीम को कई जगह मांस के टुकड़े मिले हैं। इसके अलावा इंजन और दो पैराशूट भी मिले हैं।

पायलट की पहचान स्क्वाड्रन लीडर मीत कुमार निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। डीसी कांगड़ा संदीप कुमार और एसएसपी संतोष पटियाल के अनुसार पायलट के जिंदा बचने की उम्मीद बेहद कम है। घटना के कारणों का अभी कोई पता नहीं चल पाया है।

पठानकोट से पहुंचे विंग कमांडर गोबिल, सर्जेंट एपी सिंह व जूनियर वारंट आफिसर भागीरथ ने काफी देर घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच टीम ने मौके पर पहुंच कर विमान के मलबे और मांस के टुकड़ों को एकत्रित कर जांच शुरू कर दी है।

वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि घटना स्थल से मांस के टुकड़े मिले हैं। वायुसेना पायलट को अभी लापता मान रही है। सैंपल ले लिए गए हैं। जरूरत पड़ी तो डीएनए जांच कराई जाएगी।

पायलट मीत कुमार दिल्ली का रहने वाला है। वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार मीत कुमार ने पठानकोट एयरबेस से दोपहर 12:20 बजे उड़ान भरी। इसके बाद करीब 12:30 बजे पायलट का वायुसेना से संपर्क टूट गया।

आखिरी लोकेशन जवाली के आसपास थी। बताया जा रहा है कि इसी दौरान हादसा हो गया। मीत कुमार लड़ाकू विमान में रोजाना की तरह अभ्यास कर रहा था।

इसी साल जनवरी में मिग-29के विमान गोवा एयरपोर्ट के रनवे पर क्रैश हो गया था। हालांकि, रेस्क्यू टीम ने ट्रेनी पायलट को सुरक्षित निकाल लिया था। मिग-21 सुपरसोनिक लड़ाकू जेट विमान है।

सोवियत संघ के मिकोयान-गुरेविच डिजाइन ब्यूरो ने इसका निर्माण किया है। पहले इसे ‘बलालैका’ के नाम से बुलाया जाता था, क्योंकि यह रूसी संगीत वाद्य ऑलोवेक की तरह दिखता था। पिछले साल दिसंबर में ही मिग-21 विमान की भारतीय वायुसेना से विदाई हो चुकी है।

29 दिसंबर को राजस्थान के नाल स्थित वायुसेना स्टेशन से मिग-21 एयरक्राफ्ट ने अपनी आखिरी उड़ान भरी थी। इसके साथ ही वायुसेना ने मिग-21 विमान को अलविदा कह दिया था।

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