Delhi में न्यूनतम मजदूरी बढ़ी, CM केजरीवाल ने इसे मंदी से उबरने का एक कारगर तरीका बताया

केजरीवाल ने कहा 'आर्थिक मंदी से निपटने के बहुत सारे तरीके हो सकते हैं लेकिन यह सबसे कारगर कदम है जिसमें आप गरीबों की जेब में ज्यादा से ज्यादा पैसा डालेंगे तो गरीब आदमी जाकर मार्केट से तरह-तरह की रोजमर्रा की चीजें खरीदेगा.

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Delhi- दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी में कुछ इजाफा किया गया है. हालही में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केजरीवाल सरकार के न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wages) बढ़ाने के फैसले पर मुहर लगाई थी. इसके बाद अब केजरीवाल सरकार ने न्यूनतम मजदूरी या न्यूनतम वेतन के साथ हर 6 महीने में बढ़ने वाला महंगाई भत्ता बढ़ाने का ऐलान सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में किया.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के ऐलान के बाद दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी या न्यूनतम वेतन (Minimum Wages) कुछ इस तरह होगा.

  • अकुशल मजदूर की मजदूरी 13,550 रुपए से बढ़ाकर 14,842 रुपए कर दी गई है.
  • अर्धकुशल मजदूर की मजदूरी 14,698 रुपए से बढ़ाकर 16,341 रुपए कर दी गई है.
  • कुशल मजदूर की मजदूरी 16,182 से बढ़कर 17,991 रुपए कर दी गई है.
  • नॉन मेट्रिक मजदूरी 14,698 से बढ़ाकर 16,341 रुपए कर दी गई है.
  • मेट्रिक लेकिन ग्रेजुएट नहीं की मजदूरी 16,182 रुपए से बढ़ाकर 17,991 रुपए और
  • ग्रेजुएट और उससे ऊपर की 17,604 से बढ़ाकर 19,572 रुपए कर दी गई है.

दरअसल केजरीवाल सरकार ने जो न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का ऐलान पहले किया था उसको सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल ही लागू करवा दिया था. जिसके चलते दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी मजदूरों और कर्मचारियों को पहले ही मिलनी शुरू हो गई थी. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद न्यूनतम मजदूरी पर हर 6 महीने में मिलने वाला महंगाई भत्ता भी बढ़ाने को हरी झंडी मिल गई. इसलिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अप्रैल 2019 और अक्टूबर 2019 का महंगाई भत्ता बढ़ाने का ऐलान किया. साथ ही यह भी बताया कि मजदूरों और कर्मचारियों को उनका महंगाई भत्ते का अक्टूबर से लंबित बकाया भी दिया जाएगा.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने इसे मंदी खत्म करने का सबसे बढ़िया तरीका भी बताया. केजरीवाल ने कहा ‘हमें लगता है कि आर्थिक मंदी से निपटने के बहुत सारे तरीके हो सकते हैं लेकिन यह सबसे कारगर कदम है जिसमें आप गरीबों की जेब में ज्यादा से ज्यादा पैसा डालेंगे तो गरीब आदमी जाकर मार्केट से तरह-तरह की रोजमर्रा की चीजें खरीदेगा. उससे अर्थव्यवस्था में उत्पादन बढ़ेगा और उत्पादन बढ़ेगा तो नौकरियां बढ़ेंगी यह अर्थव्यवस्था को मंदी से उबारने का शर्तिया तरीका है.’

इस दौरान केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने यह दावा भी किया कि पूरे देश में सबसे ज्यादा न्यूनतम मजदूरी केवल दिल्ली में मिल रही है. केजरीवाल के मुताबिक अब दिल्ली में अकुशल मजदूर को हर महीने 14,842 न्यूनतम मजदूरी मिल रही है जबकि यूपी 5,750 रुपए, हरियाणा 8,827 रुपए, गुजरात 8,190 रुपए, झारखंड 6,495 रुपए न्यूनतम मजदूरी है.

केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने बताया कि न्यूनतम मजदूरी अपने कर्मचारियों को ना देने वाले 1373 कॉन्ट्रैक्टर्स को दिल्ली सरकार से हटाया गया है. 100 से ज़्यादा उल्लंघन पर केस दर्ज किए गए, जबकि 6 एम्प्लॉयर्स पर केस दर्ज किए गए हैं.

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