पार्टी और 2019 चुनाव पर CWC मीटिंग में बने कई प्लान, राहुल को गठबंधन का चेहरा बनाने पर जोर

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को अपनी अध्यक्षता में पार्टी की सीडब्ल्यूसी (कांग्रेस वर्किंग कमिटी) की पहली मीटिंग में 2019 के लिए रोडमैप पर चर्चा की। इस दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस की फैसला लेने वाली सबसे बड़ी समिति ने इस दौरान चुनाव 2019 और समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन बनाने को लेकर टीम बनाने पर भी जोर दिया। इस दौरान कमिटी ने पार्टी नेताओं से सरकार को घेरने के 10 सूत्रीय प्लान पर भी चर्चा की। जानिए, सीडब्ल्यूसी की मीटिंग पार्टी, सरकार और मिशन 2019 जीतने के लिए क्या बना प्लान:

चुनाव पूर्व या चुनाव के बाद गठबंधन पर राहुल लेंगे फैसला
इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चुनाव पूर्व या चुनाव के बाद के गठबंधन करने का फैसले लेने के लिए अधिकृत किया गया है। साथ ही राहुल गांधी को समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन पर बातचीत करने के लिए एक टीम बनाने के लिए भी अधिकृत किया गया।

राहुल बनेंगे गैर-बीजेपी फ्रंट का चेहरा
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि सभी वक्ताओं ने एक सुर में राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी को आगे बढ़ाने की बात कही। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के अलावा अलग-अलग क्षेत्रों से आए 35 वक्ताओं ने अपनी बात रखी। बताया जा रहा है कि सभी वक्ताओं ने गठबंधन में कांग्रेस को नेतृत्व का काम करना चाहिए और सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते राहुल गांधी को गठबंधन का चेहरा होना चाहिए।

जब इस बारे में पूछा गया तो कांग्रेस नेता अंबिका सोनी ने कहा, ‘स्वभाविक तौर पर, वह राष्ट्रीय पार्टी के नेता हैं। और हम चाहते हैं कि हमारा नेता इस गठंधन का चेहरा हों।’

10 सूत्रीय रणनीति पर रहेगा फोकस
मीटिंग में गुलाम नबी आजाद, पी. चिदंबरम, मल्लिकार्जुन खड़गे, सचिन पायलट, शक्ति सिंह गोहिल, रमेश चेन्नीथला जैसे नेताओं ने भी अपनी बात रखी। कांग्रेस ने 10 सूत्रीय भावी रणनीति को आकार देने की कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने आने वाले दिनों में कृषि संकट, बेरोजगारी, बदहाल अर्थव्यवस्था, दलित-आदिवासियों के साथ दुर्व्यवहार, पिछड़े वर्ग की अनदेखी, महिला सुरक्षा, आतंरिक सुरक्षा, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश, आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने व नॉर्थ-ईस्ट व जम्मू कश्मीर जैसे मुद्दों पर बाकायदा एक रणनीति बनाकर आगे बढ़ने की बात कही। मीटिंग में मुद्दा उठा कि ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव होने चाहिए, क्योंकि ईवीएम पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

चिदंबरम ने बताया 300 सीटों का फॉर्म्युला
सूत्रों के मुताबिक पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने 2019 की चुनावी रणनीति के लिए एक प्रस्ताव पेश किया। चिदंबरम ने कहा कि 12 राज्यों में कांग्रेस मजबूत है और अगर पार्टी अपनी क्षमताओं में 3 गुना इजाफा करे तो 150 सीटें जीती जा सकती हैं। इसके अलावा अन्य राज्यों में गठबंधन की मदद से कांग्रेस 150 और सीटें जीत सकती है। एक तरह से पी. चिदंबरम ने मोटा-मोटी 300 सीटों पर जीत का फार्म्युला देने की कोशिश की।

बड़बोले नेताओं को चेतावनी?
कमिटी की मीटिंग के बाद राहुल गांधी ने गैर-जिम्मेदाराना बयानों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं बड़ी लड़ाई लड़ रहा हूं। सबको पार्टी फोरम में बोलने का अधिकार है, लेकिन पार्टी का कोई नेता गलत बयान देता है, तो मैं कार्रवाई करने में हिचकूंगा नहीं।’ माना जा रहा है कि राहुल गांधी पार्टी नेता शशि थरूर के बयान को लेकर नाराज हैं। बता दें कि शशि थरूर ने पिछले दिनों कहा था कि बीजेपी 2019 में जीतती है तो भारत ‘हिंदू पाकिस्तान’ बन जाएगा।

बीजेपी पर कई मोर्चों से हमला
अपने शुरुआती भाषण में राहुल गांधी ने पार्टी समर्थकों से कहा कि कांग्रेस ‘भारत की आवाज’ है इस पर भविष्य व वर्तमान की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी के पास अनुभव व ऊर्जा है और यह अतीत, वर्तमान व भविष्य के बीच एक सेतु है। राहुल गांधी ने सत्ताधारी पार्टी बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, ‘बीजेपी संस्थाओं, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और गरीबों पर हमला कर रही है।’ राहुल गांधी ने सभी कांग्रेसजनों से उठने और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।

मनमोहन सिंह ने मोदी पर साधा निशाना
बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने पीएम मोदी की निरंतर आत्म-प्रशंसा और जुमलेबाजी की संस्कृति को खारिज किया। मनमोहन सिंह ने कहा, ‘यह विकास के लिए जरूरी ठोस नीति के विरुद्ध है।’ पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के दावे को पूरा करने के लिए कृषि क्षेत्र में 14 फीसदी संवृद्धि दर की दरकार है, जो कहीं दिखती नहीं है।

सोनिया गांधी बोलीं, मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू
CWC की बैठक में शामिल हुईं यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मोदी सरकार पर हमलावर दिखीं। सोनिया गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाषण-शैली से उनकी मायूसी जाहिर होती है जो इस बात का सूचक है कि मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।

जनार्दन द्विवेदी और दिग्विजय सिंह बैठक से रहे गायब
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक जनार्दन द्विवेदी और दिग्विजय सिंह सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल नहीं हुए। पिछले दिनों राहुल गांधी ने इन दोनों नेताओं को नई गठित हुई CWC में शामिल नहीं किया था। हालांकि इन दोनों नेताओं को बैठक में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया था।

आपको बता दें कि सीडब्ल्यूसी कांग्रेस पार्टी में सबसे महत्वपूर्ण फैसले लेने वाला अंग है। सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह नई कांग्रेस कार्यकारिणी समिति में वरिष्ठ सदस्य हैं। यही समिति इस साल होने वाले राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की कोर टीम का गठन करेगी।

राहुल गांधी ने ने पिछले दिनों 51 सदस्यीय कार्य समिति का गठन किया था जिसमें 23 सदस्य, 18 स्थाई आमंत्रित सदस्य और 10 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं। पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस की कमान संभालने वाले गांधी ने नई कार्य समिति में अनुभवी और युवा नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।

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