अविश्वास पर बंटा विपक्ष, शिवसेना पर संशय

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लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से एक दिन पहले ही सियासी खेमेबंदी शुरू हो गई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलनीसामी ने कहा कि एआईएडीएमके अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी। पार्टी का कहना है कि कावेरी मुद्दे पर किसी ने साथ नहीं दिया था इसलिए यह फैसला लिया गया है। जबकि डीएमके और ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है। बीजेडी ने अपने सांसदों को विप जारी कर सदन में मौजूद रहने को कहा है वहीं एनडीए की बड़ी सहयोगी शिवसेना ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं ऐसा माना जा रहा है कि वह अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से अनुपस्थित रह सकती है।

इससे पहले लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बुधवार टीडीपी का अविस्वास प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था। इसपर शुक्रवार को वोटिंग होनी है। मोदी सरकार संख्याबल के लिहाज से काफी मजबूत है, लेकिन सोनिया गांधी ने यह कहकर दबाव बढ़ा दिया है कि कौन कहता है कि हमारे पर संख्याबल नहीं है। इन सबके बावजूद सर्वाधिक संभावना यही है कि अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा। टीएमसी नेता ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी अविश्वास प्रस्ताव के साथ है। टीएमसी ने अपने सांसदों के लिए विप जारी कर दिया है। टीआरएस वैसे तो गैर बीजेपी और गैर कांग्रेस मोर्चा बनाने में जुटी है लेकिन अविश्वास प्रस्ताव पर अभी पार्टी का स्टैंड खुलकर सामने नहीं आया है लेकिन सूत्रों की मानें तो टीआरएस अविस्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी।

दूसरी तरफ केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों ही इसे लेकर कोई मौका गंवाना नहीं चाहता है अविश्वास प्रस्ताव पर रणनीति तैयार करने के लिए गुरूवार को पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों से मुलाकात की तो वहीं सोनिया गांधी ने भी कांग्रेस की संसदीय दल की बैठक बुलाई है।

जानकारों की मानें तो मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बड़ी आसानी से गिर जाएगा क्योंकि सदन में एनडीए के पास स्पीकर समेत 315 सांसद है। आपको बता दें कि 535 सदस्यों में बहुमत का आंकड़ा 268 का है जबकि बीजेपी के पास दो नामित सदस्यों को शामिल करते हुए सदन में 273 सदस्य का है।

छत्तीसगढ़: सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 7 नक्सली ढ़ेर
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके बस्तर जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन महिलाओं समेत 7 नक्सली मारे गए हैं। राज्य के पुलिस उपमहानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि मुठभेड़ करीब 6 बजे दांतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की सीमा से लगने वाले तिमिनार और पुसनार गांवों के पास जंगल में शुरू हुई। डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और एसटीएफ की संयुक्त टीम की माओवाद निरोधी अभियान के दौरान यह मुठभेड़ हुई।

उन्होंने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने दंतेवाड़ा से सटे दोनों जिलों के जंगलों में यह अभियान शुरू किया। सुंदरराज ने बताया कि तिमिनार और पुसनार गांवों के जंगलों की घेराबंदी के दौरान दोनों पक्षों में गोलीबारी शुरू हो गई। उन्होंने बताया, गोलीबारी रुकने के बाद तीन महिलाओं समेत सात नक्सिलयों के शव मौके से बरामद किए गए।

साथ ही दो इंसास राइफल, दो प्वाइंट 303 राइफल, एक बोर की बंदूक के अलावा कुछ मजल लोडिंग बंदूकें भी मौके से जब्त की गईं। सुंदरराज ने बताया कि इलाके में तलाश अभियान अब भी जारी है जिसके बाद ही ज्यादा जानकारी सामने आ पाएगी।

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