अविश्वास प्रस्ताव गिरा पर लोकसभा में मोदी-राहुल ही नहीं दूसरों ने भी बांधा समा

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लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ टीडीपी का अविश्वास प्रस्ताव गिर तो गया लेकिन शुक्रवार को सदन में खूब ऐक्शन ड्रामा देखने को मिला। 2003 के बाद यह पहला अविश्वास प्रस्ताव था, तब अटल इसके खिलाफ सफल हुए थे और अब मोदी। 39 सांसदों ने करीब 12 घंटे तक बहस की। हालांकि अंत में सारी चर्चा राहुल गांधी और पीएम मोदी के वार-पलटवार और हास-परिहास की रही लेकिन इनके अलावा भी कई अहम किरदार रहे। अविश्वास प्रस्ताव के बहाने जहां विपक्ष ने मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए, वहीं सरकार ने अपनी सफलताएं गिनाईं। बीजेपी ने अविश्वास प्रस्ताव के बहाने चुनावी राज्यों को भी साधने की कोशिश की।

आइए आपको लोकसभा में चले पूरे पॉलिटिकल ड्रामे की झलक दिखाते हैं, जहां कड़े राजनीतिक प्रहारों के इतर आंख मटकाने से लेकर गले मिलने तक के दृश्य दिखाई पड़े…

राहुल गांधी: शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने की। राहुल गांधी ने सरकार पर बड़े हमले किए। देश को पीएम मोदी के ‘जुमला स्ट्राइक’ का पीड़ित बताया। नौकरी को लेकर सरकार को उसके आंकड़ों से घेरा। महिला, दलित, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, मॉब लिन्चिंग पर पीएम पर चुप्पी साधाने का आरोप लगाते हुए कठघरे में खड़ा किया। राफेल डील में सीधे पीएम मोदी पर करप्शन का आरोप लगाया। लेकिन असल ड्रामा तब शुरू हुआ जब राहुल ने कहा कि पीएम उनसे आंख नहीं मिला रहे। यह ड्रामा चरम पर तब पहुंचा जब राहुल अपने मुताबिक असल हिंदू की परिभाषा बताने के लिए सदन में ही मोदी से गले मिल आए। और शुक्रवार को राहुल की इस नाटकीय पारी का अंत बगल में बैठे ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर देखते हुए आंख मारने से हुआ।

पीएम मोदी: टीडीपी के अविश्वास प्रस्ताव पर सबसे अंत में पीएम मोदी बोले लेकिन उनके निशाने पर कांग्रेस और राहुल ही रहे। पीएम ने एक-एक कर राहुल के आरोपों को खारिज किया और उनके ड्रामे का जवाब भी ड्रामे से दिया। राफेल डील पर लगे आरोपों को बचकाना बताते हुए पीएम ने कहा कि दोनों देशों को स्टेटमेंट जारी करना पड़ा। जुमला स्ट्राइक को पीएम ने सर्जिकल स्ट्राइक से जोड़ा और कहा कि आप मुझे गाली दे सकते हो लेकिन जवानों का अपमान न करो। पीएम ने एक साल में एक करोड़ नौकरी देने का दावा किया। कालेधन पर कहा कि लड़ाई जारी रहेगी। मोदी ने राहुल पर तंज कसते हुए कहा, ‘मैं गरीब मां का बेटा, पिछड़ी जाति में पैदा हुआ, आप नामदार हैं, हम कामदार है। आपकी आंख में आंख डालने की हिम्मत मुझमें नहीं है।’ राहुल गांधी के आंख मारने पर कहा, ‘आंख की हरकत को पूरा देश देख रहा था।’

हरसिमरत कौर: राहुल के भाषण के बीच में एक किरदार हरसिमरत कौर का भी रहा। राहुल ने अपने संबोधन में उनकी तरफ इशारा कर कहा कि अकाली नेता मुझे देख मुस्कुराईं। इसपर कौर भड़क गईं। स्पीकर सुमित्रा महाजन के मना करने पर भी बोलने की मांग करने लगीं। बाद में सदन की कार्यवाही जब कुछ देर के लिए बाधित हुई को हरसिमरत ने राहुल पर हमला बोलते हुए कहा कि यह संसद है, मुन्ना भाई का पप्पी-झप्पी एरिया नहीं।

रामदास आठवले: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले को बोलने के लिए एक मिनट का ही समय मिला था लेकिन उन्होंने कम समय में ही माहौल बनाने की कोशिश की। सरकार का साथ देते हुए आठवले ने पीएम मोदी की तुलना न केवल विराट कोहली से की बल्कि उनकी शान में एक कविता भी पढ़ डाली। आठवले ने कहा कि राहुल कोई भी स्कोर बनाएंगे पीएम मोदी टी-20 स्टाइल में उसे हासिल कर लेंगे। आठवले की कविता की पक्तियां कुछ ऐसी रहीं,

‘आज राहुल गांधी जी ने प्रधानमंत्री जी के गले को मिलाया गला
लेकिन नरेंद्र मोदीजी के पास है कांग्रेस को हराने की कला,
कांग्रेस ने पूरे किए थे सत्ता 50, 51, 55 साल,
तब उन्होंने कमाया है बहुत ही माल,
2014 में नरेंद्र मोदीजी ने किया था बहुत बड़ा कमाल,
इसलिए देश में हो रहा है विकास का धमाल,
कांग्रेस का आज देश में ठीक नहीं है हाल,
इसलिए नरेंद्र मोदीजी जीतेंगे 2019 का साल’

राजनाथ सिंह: विपक्ष के हमले में अपनी सरकार के बचाव का प्रयास करने के लिए खड़े हुए राजनाथ सिंह ने भी हास्यबोध का पूरा पुट डाला। राजनाथ सिंह के ‘गई भैंस पानी में’ वाले मुहावरे पर सदन में हंसी फूटी। दरअसल राजनाथ सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्षी एकता को लेकर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि इन दलों का नेता कौन होगा अगर इसकी चर्चा हो जाए तो समझो गई भैंस पानी में।

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