Movie Review: फिल्म ‘हिचकी’ में रानी मुखर्जी की दमदार है किरदार…

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रानी मुखर्जी ने फिल्म ‘हिचकी’ से कमबैक किया है और ये फिल्म 23 मार्च को फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है। इसको लेकर रानी कई बॉलीवुड सेलेब्स से उनके जीवन में आई हिचकी रूपी परेशानी के बारे में पूछा हैं। फिल्म ‘हिचकी’ न सिर्फ आपको एंटरटेन करेगी बल्कि जिंदगी के कई अहम सबक भी सिखाएगी।

फिल्म में रानी मुखर्जी के अलावा सुप्रिया पिलगांवकर, आसिफ बसरा और शिवकुमार सुब्रमण्यम हैं। फिल्म को डायरेक्ट सिद्धार्थ मल्होत्रा ने किया है वहीं फिल्म को प्रोड्यूस आदित्य चोपड़ा और मनीष शर्मा ने किया है। फिल्म में म्यूजिक जस्लीन रॉयल और हितेश सोनिक का है।

आपको बता दें कि  रानी मुखर्जी काफी लम्बे समय के बाद फिल्म हिचकी से बॉलीवुड में वापसी कर रही हैं। आखिरी फिल्म ‘मर्दानी’ के बाद रानी मुखर्जी ने यशराज फिल्म के मालिक आदित्य चोपड़ा से शादी कर ली थी। इसके बाद रानी मुखर्जी मां बनीं और रानी ने फिल्मों में वापसी करने के लिए पूरा समय लिया।

हिचकी की कहानी… 

हिचकी’ ‘फ्रंट ऑफ दि क्लास’ (2008) हॉलीवुड फिल्म से इंस्पायर है। ये एक टीचर की कहानी जिसे हिचकियों के चलते 24 स्कूल नौकरी देने से मना कर देते हैं। फिल्म बेहद शानदार थी और अब रानी इसे देसी अंदाज में लेकर आईं हैं।

‘हिचकी’ में रानी भी एक स्कूल टीचर नैना माथुर की भूमिका में नजर आएंगी, जिन्हें हिचकियों के चलते शुरुआत में कई स्कूलों से रिजेक्ट कर दिया जाता है। इसके बाद उन्हें एक स्कूल मौका तो देता है, लेकिन यह इतना आसान नहीं होता। बच्चे नैना की हिचकी की समस्या का मजाक उड़ाते हैं। रानी को 14 बस्ती के बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाती है। अब वो कैसे इन 14 बच्चों की जिंदगी बदलेंगी यही फिल्म की कहानी है। इस फिल्म में रानी ने शानदार परफॉरमेंस दी हैं।

ट्यूरेट सिंड्रोम से ग्रसित और बात करते-करते गर्दन झटकने वाले किरदार से रानी दर्शकों को बांधने में कामयाब रहीं। उनकी एक्टिंग आपका दिल जीत लेगी। यशराज बैनर की फिल्मों को लेकर ऑडियंस की उम्मीदें पहले ही डबल हो जाती हैं और इस फिल्म में तो बॉलीवुड की रानी भी है वो भी एक शानदार कहानी और बढ़िया एक्टिंग के साथ।

फिल्म में हैं ये कमियां…
फिल्म का क्लाईमैक्स और इसके ट्विस्ट काफी उबाऊ हैं और आप इससे कनेक्ट नहीं कर पाएंगे। फिल्म में नीरज काबी का विलेन प्रिंसिपल वाला किरदार बचकाना लगता है। उनकी गरीब बच्चों से चिढ़ नाजायज़ लगती है और हर समय रानी का उनको हराना भी बेतुका सा लगता है। फिल्म केवल अभिनय पर टिकी है। हर किसी ने अपना काम बखूबी किया है। अगर कमी है तो फिल्म की कहानी, पटकथा और निर्देशन में जो इसे बहुत ज़्यादा एवरेज फिल्म बना देती है।

फिल्म हिचकी पूरी तरह रानी मुखर्जी के कंधों पर टिकी हुई फिल्म है और वो इसे बखूबी निभाती हैं। आपको लगेगा कि आप नैना माथुर को जानते हैं। उनकी बॉडी लैंगवेज से लेकर बात करने का तरीका सब कुछ आपसे जुड़ेगा।

कुल मिलाकर फिल्म एक बार देखने वाला ड्रामा है। अगर आप रानी मुखर्जी के फैन हैं तो उनके लिए ये फिल्म जरूर देखिए।

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