UN मानवाधिकार आयोग में भारत ने कहा- पाकिस्तान आतंक का केंद्र

पाकिस्‍तान के आरोपों का जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रतिनिधि ने कहा कि भारत के अपने राज्य में किए गए पुनर्गठन पर वहां को लोगों के साथ भेदभाव खत्म होगा।

0
483

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में मंगलवार को भारत और पाकिस्तान (India-Pakistan) आमने-सामने होंगे। पाकिस्‍तान के आरोपों का जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रतिनिधि ने कहा कि भारत के अपने राज्य में किए गए पुनर्गठन पर वहां को लोगों के साथ भेदभाव खत्म होगा। पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक थी, इसका टीवी पर सीधा प्रसारण भी हुआ है। भारत लंबे समय से सीमापार के आतंकवाद का पीड़ित रहा है, पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है। कश्मीर धीरे-धीरे हालात समान्य हो रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रतिनिधि विजय ठाकुर सिंह (Vijay Thakur Singh) ने कहा कि भारत के आंतरिक मामले में कोई देश हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। दिक्कतों के बावजूद जम्मू-कश्मीर प्रशासन (Jammu-Kashmir Administration) ने जरूरी सामानों की आपूर्ति जारी रखी है। प्रतिबंधों में भी धीरे-धीरे छूट दी जा रही है। हमारा संविधान बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों के मूल अधिकारों की गारंटी देता है।

हमारी स्वतंत्र न्यायपालिका, फ्री मीडिया, वाइब्रेंट सिविल सोसाइटी मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए एक बेहतर माहौल तैयार करती है। दुनिया और खासकर भारत राज्य प्रायोजित आतंकवाद का काफी शिकार हुए हैं। इस मुद्दे पर चुप्पी से आतंकियों और उनके समर्थकों का हौसला बढ़ता है। एक ग्रुप यहां झूठे आरोपों की रनिंग कमेंट्री कर रहा है। ग्लोबल टेररिज्म (Global Terrorism) के केंद्र से ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।

पूरे विश्व में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान एक बार फिर कश्मीर मुद्दे को यहां उठाने की कोशिश की। इस दौरान पाकिस्‍तान ने अनर्गल आरोप लगाए। पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mehmood Qureshi) ने कहा कि कश्मीर में संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन किया जा रहा है। UNHRC मानवाधिकार उल्लंघन पर ध्यान दे। हम संयुक्त जांच समिति के गठन की मांग करते हैं। जेनेवा में सोमवार को शुरू हुई यह बैठक 27 सितंबर तक चलेगी।

गौरतलब है कि कश्मीर से भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाक बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान लगातार कथित मानवाधिकार हनन का हवाला देकर कश्मीर पर वैश्विक समुदाय का ध्यान आकर्षित कराना चाहता है। हालांकि, वह अब-तक इसमें नाकाम रहा है। भारत ने हर स्तर पर उसके झूठ को उजागर किया है।

इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा किया जा रहा है, जिसका नेतृत्व विदेश मंत्रालय के पूर्वी क्षेत्र के सचिव विजय ठाकुर सिंह और पाकिस्तान में पूर्व भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया (Ajay Bisaria) कर रहे हैं।

भारत यूएनएचआरसी (UNHRC) में कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के पाकिस्तान के किसी भी प्रयास को विफल करने में लगा हुआ है। भारत ने दिल्ली में कई विदेशी दूतों को कश्मीर के ताजा हालात की जानकारी दी है।

जेनेवा (Geneva) में चल रहे संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 42 वां सत्र में भारत बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन का पोल खोलने की तैयारी में है। जहां यह सत्र चल रहा है वहां सामने पाकिस्‍तान में बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में मानवाधिकारों के उल्लंघन को उजागर करने वाले पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। यही नहीं वहां एक तम्बू भी लगाया गया है, जिसमें बलूच नरसंहार पर विशेष डॉक्‍युमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। तम्बू में कई बैठकें भी आयोजित होंगी।

पाकिस्तान के भारत पर कथित मानवाधिकार हनन आरोपों के बीच वो खुद ही मानवाधिकार हनन में घिरता दिख रहा है। पीओके में प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ बड़े ही बर्बरता से पेश आया है. पाकिस्तान ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस इस्तेमाल किए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस घटना से पाकिस्तान का चेहरा पूरे विश्व के सामने बेनकाब हो गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here