राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के विजेता हुए नाराज…..

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3 मई यानि आज शाम दिल्ली के विज्ञान भवन में होनेवाले नैशनल फिल्म अवॉर्डस की रौनक के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। इस समारोह में शामिल होने के लिए सभी नैशनल फिल्म अवॉर्ड विनर्स बुधवार दोपहर से ही दिल्ली में जमा होने लगे। इन्हें तब जोरदार धक्का लगा, जब पता चला कि राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द उन सभी विनर्स में से केवल 11 को ही अपने हाथों से अवॉर्ड प्रदान कर सकेंगे।

राष्टीय फिल्म पुरस्कारों के चयन को लेकर कई बार सवाल उठाये जाते रहे हैं। लेकिन इस बार अवॉर्डस के वितरण को लेकर ही फिल्मी कलाकारों ने नाराज़गी वक्त कर दी है। ख़बर है कि राष्ट्रीय पुरस्कार पाने के लिए घोषित किये गए करीब 60 लोगों ने पुरस्कार समारोह का बहिष्कार करना का फैसला किया है।

जानकारी के अनुसार विरोध इस बात को लेकर हुआ है जब उन्हें ये पता चला कि इस बार के सिर्फ 11 अवॉर्डस राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों दिए जाएंगे जबकि बाकी का वितरण सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी और राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर करेंगे। इस बारे में कलाकारों ने फिल्म फेस्टिवल के निदेशक, राष्ट्रपति कार्यालय और सूचना और प्रसारण मंत्रायल को एक लेटर लिखा है कि इस बात से वो बहुत ही निराश हैं।

उनका विरोध इस बात को लेकर है कि उन्हें सिर्फ एक दिन पहले इस बात का पता चला कि राष्ट्रपति सभी पुरस्कार नहीं देंगे। लेटर में कहा गया है कि उन्हें लगता है कि उनके साथ विश्वासघात किया जा रहा है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि 65 वर्षों से चली आ रही परंपरा को एक ही झटके में बदल दिया गया। हम कलाकार और फिल्म मेकर्स अपने सपनों को पूरा करने के लिए सब कुछ झोंक देते हैं और उसके लिए हमें जो सराहना मिलती है वो आसानी से नहीं मिलती। इसके बारे में सूचना प्रसारण मंत्री से भी बात की गई लेकिन जब हमारी बात सुनी ही नहीं जा रही है तो समारोह में न शामिल होने का फैसला करने के अलावा कोई चारा ही नहीं है।

खबरों के मुताबिक जब अवॉर्ड विनर्स ईरानी से मिले तो उनका कहना था कि राष्ट्रपति के पास सेरिमनी के लिए केवल एक ही घंटे का वक्त था और इसलिए विनर्स को सम्मानित करने के लिए ऑर्गनाइजर्स को अन्य मंत्रियों को बुलाना पड़ा। सूत्र के मुताबिक, ‘अवॉर्ड विनर्स ने ईरानी से कहा कि स्पीच और फोटोशूट के लिए जो टाइम दिया गया है, उसे कम किया जा सकता है ताकि सभी विनर्स के राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार प्रदान किया जा सके।

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