नवजोत सिद्धू के सलाहकार डॉ गर्ग बोले- कांग्रेस ने खेला धर्म का कार्ड , विधानसभा का विशेष सत्र गलत

डा. प्यारे लाल गर्ग ने कहा कि पंजाब सरकार ने व्हिप जारी करके, कांग्रेस ने विधायकों की धार्मिक आजादी को छीन लिया। गुरु तेग बहादुर जी ने धार्मिक आजादी के लिए कुर्बानी दी थी।

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पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) में नया विवाद शुरू‍ हाे गया है। पंजाब कांगेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) के सलाहकार डा. प्यारे लाल गर्ग (Dr Pyare Lal Garg) ने एक बार फिर विवादित बयान से पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। गर्ग ने श्री गुरु तेग बहादुर को समर्पित पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र पर सवाल उठा दिया है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने एक दिन के विशेष सत्र के लिए व्हिप जारी करके न सिर्फ लोकतंत्र का अपमान किया है, बल्कि धार्मिक कट्टरवाद को संविधान के जरिये बढ़ावा दिया है।

डा. गर्ग ने कहा कि पंजाब सरकार को विधानसभा का सत्र बुलाना ही था, क्योंकि यह उनकी संवैधानिक मजबूरी थी, लेकिन व्हिप जारी करके कांग्रेस ने विधायकों की धार्मिक आजादी को छीन लिया। गुरु तेग बहादुर जी ने धार्मिक आजादी के लिए कुर्बानी दी थी।

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने संविधान के माध्यम से धर्म का कार्ड खेला, जबकि कांग्रेस खुद को धर्मनिरपेक्ष पार्टी बताती है। आज कांग्रेस ने ऐसा किया है तो कल आरएसएस वाले भी ऐसा कर सकते है। फिर उन्हें कैसे गलत ठहराया जा सकता है। संविधान में धार्मिक विचारों की आजादी की बात कही गई है।’

डा. गर्ग ने कहा कि विधानसभा को धर्म से दूर रहना चाहिए। अगर कोई विशेष आयोजन है भी तो उसके लिए व्हिप जारी नहीं करना चाहिए। क्योंकि, कई विधायक अपने मत को उजागर नहीं करना चाहते। अगर सदन को धार्मिक काम के लिए प्रयोग किया जाने लगा तो धर्मनिरपेक्षता कहां रह जाएगी। वहीं, किसान आंदोलन पर उन्होंने कहा कि पहले भारतीय जनता पार्टी कहा करती थी कि उन्हें जो घेर रहे हैं वे किसान नहीं हैं। अब शिरोमणि अकाली दल ने भी कहना शुरू कर दिया है। कुछ समय बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह भी ऐसा कहने लगेंगे।

इससे पहले भी डा. गर्ग ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Capt Amarinder Singh) द्वारा पाकिस्तान की आलोचना को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि इससे पंजाब को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व अमित शाह से मिले हुए हैं। इस पर भी काफी विवाद हुआ था।

पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष नवजाेत सिंह सिद्धू के एक अन्य सलाहकार मालविंदर सिंह माली को विवादित टिप्पणियों के कारण इस्तीफा देना पड़ा था। उन्होंने कहा था कि कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान का अवैध कब्जा है। उन्होंने कश्मीर को अलग देश बताया था। वहीं, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी से जुड़े एक विवादित पोस्टर को अपने फेसबुक पेज का कवर फोटो बना दिया था। इस पर उनका कांग्रेस में ही काफी विरोध हुआ था। सिद्धू के सलाहकारों के कारण कांग्रेस को नुकसान हो रहा है। चुनाव को छह माह से भी कम समय रह गया है और कांग्रेस अपने आंतरिक मसलों में ही उलझी हुई है।

शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के प्रवक्ता डा. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि व्हिप जारी करना सरासर गलत है। इसका मतलब साफ है कि कांग्रेस के विधायक श्रद्धा के साथ सदन में नहीं आना चाहते थे। वह केवल रस्म निभा रहे हैं। वहीं, आप के विधायक दल के नेता हरपाल सिं चीमा ने कहा कि व्हिप सरकार की राजनीति मजबूरी थी। सरकार को पता था कि अगर बात फ्लोर टेस्ट की आ गई तो कहीं विपक्ष उन पर हावी न हो जाए। कांग्रेस ने राजनीतिक मजबूरी में ऐसा किया था।

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