कलराज मिश्र राजस्थान के, आरिफ मोहम्मद खान केरल के और भगत सिंह कोश्यारी बने महाराष्ट्र के राज्यपाल।

राष्ट्रपति भवन के विज्ञप्ति के अनुसार, कलराज मिश्रा का ट्रांसफर कर अब उन्हें राजस्थान का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं भगत सिंह कोशयारी को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है।

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सरकार ने पांच राज्यों में नए राज्यपाल (Governor) नियुक्त किया है। साथ ही हिमाचल प्रदेश में राज्यपाल का ट्रांसफर किया गया है। सरकार के नए फैसले के मुताबिक, राजस्थान, महाराष्ट्र, केरल और तेलंगाना के राज्यपालों को नियुक्त किया गया है।

राष्ट्रपति भवन के विज्ञप्ति के अनुसार, फिलहाल हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के राज्यपाल कलराज मिश्रा का ट्रांसफर कर अब उन्हें राजस्थान का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं भगत सिंह कोशयारी को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है।

इसके अलावा बंडारू दत्तात्रेय को हिमाचल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। आरिफ मोहम्मद खान को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इसके अलावा तमिलिसाई सौंदराजन को तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया है। राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के अनुसार, ये सभी नियुक्तियां पदभार संभालने के दिन से प्रभावी होंगी।

पूर्व कांग्रेसी केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohd Khan) राजीव गांधी की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। साल 1951 में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में जन्मे आरिफ मोहम्मद खान पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उनके पास ऊर्जा से लेकर नागरिक उड्डयन तक के कई पोर्टफोलियो रहे हैं।

भगत सिंह कोश्यारी का जन्म 17 जून 1942 को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले स्थित नामती चेताबागड़ गांव में हुआ था। कोश्यारी 2001 से 2002 तक उत्तराखंड के CM भी रहे हैं, उसके बाद 2002 से 2007 तक उत्तराखंड विधानसभा में नेता विपक्ष भी रहे। वर्ष 2008 से 2014 तक वे उत्तराखंड से राज्यससभा के सदस्य चुने गए थे। RSS से भगत सिंह कोश्यारी की काफी नजदीकी रही है। 1977 के आपातकाल के दौरान जेल भी जाना पड़ा था। अब उन्हें राष्ट्रपति द्वारा महाराष्ट्र के राज्यपाल के तौर पर नियुक्त किया गया है।

भाजपा के विरष्ठ नेता कलराज मिश्र राजस्थान के नए राज्यपाल होंगे। अभी तक वे हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इससे पहले कलराज मिश्र मोदी सरकार में 2017 तक सूक्ष्‍म, लघु और उद्यम मंत्री (एमएसएमई) रहे। वह तीन बार राज्‍यसभा के भी सदस्‍य रह चुके हैं। कलराज मिश्र ने 2019 के चुनाव से पहले लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया था। इसके पीछे उन्होंने कारण बताया था कि उन्हें अहम जिम्‍मेदारियां दी गई हैं, जिसके चलते वे अब चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। बता दें कि 2014 के बाद 75 साल से अधिक आयु के कई वरिष्‍ठ नेता सक्रिय राजनीति से रिटायर हो गए थे। यही माना जा रहा था कि इसी आधार पर 2017 में कलराज मिश्र ने मंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया था। यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहने के अलावा वह तीन बार राज्यसभा सांसद और एक बार देवरिया से लोकसभा सदस्य भी रहे।

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