आज संसद में मोदी की अग्निपरीक्षा, विपक्ष लाएगा अविश्वास प्रस्ताव

0
378

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चार साल से चल रही एनडीए सरकार को पहली बार झटका लगता दिखाई दे रही है. सहयोगी दलों की भारतीय जनता पार्टी से नाराजगी खुलकर सामने आ गई है. और ये गुस्सा अब सदन में अविश्वास प्रस्ताव के रूप में भी फूट रहा है. आज तेलुगु देशम पार्टी और वाईएसआर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल सदन में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं.

ये लड़ाई आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा न देने से शुरू हुई. जब ये मांग पूरी न होने पर चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी के कोटे से केंद्र में दोनों मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया. इसके बाद से वो लगातार संसद में मोदी सरकार का विरोध कर रहे हैं. अब जब टीडीपी ने मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की तो उसे विरोधी वाईएसआर कांग्रेस समेत कांग्रेस, आरजेडी और लेफ्ट का भी समर्थन मिल गया.

NDA से मेरी नाराजगी की खबरें गलत: पासवान

बिहार में हुए उपचुनावों में बीजेपी की हार पर केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए विकास के साथ-साथ सामाजिक समीकरण भी कायम रखना होगा. उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए को उपचुनाव से कोई नुकसान नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि उपचुनाव में सहानुभूति वोट का असर था, नीतीश कुमार का जनाधार अभी भी दलित और मुसलमानों में बरकरार है और उनके आने से ही एनडीए की मजबूती बढ़ी है.

रामविलास ने उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम पर जरूर चिंता प्रकट की, हालांकि उन्होंने कहा कि एनडीए से हमारी नाराजगी की खबरें बकवास हैं. पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि एनएडी में चट्टानी एकता कायम है, जो लोग इधर- उधर जा रहे हैं वो पछताएंगे. उन्होंने कहा कि मांझी गए तो अशोक चौधरी आ गए, मांझी के जाने से एनडीए को कोई नुकसान नहीं होने वाला. अभी केंद्र में दूर- दूर तक कोई मोदी सरकार को चुनौती देने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि एनडीए सेकुलरिज्म के लिए कमिटेड है.

रामविलास पासवान ने कहा कि बिहार में जो उप चुनाव हुआ उसमें हम लोगों को कोई नुकसान नहीं हुआ है, जो जैसा था वेसा ही रहा. जहां तक उत्तर प्रदेश उप- चुनाव की बात है तो वहां पर बीजेपी समीक्षा कर रही है. हमे लग रहा है कि विकास के साथ- साथ समाजिक समीकरण भी कायम रखना होगा. हमें नही लगता कि नीतीश कुमार को किसी भी तरह से नुकसान हुआ है, उनका जनाधार अभी दलित और मुसलमान में है. बिहार में 10 योजना पहले से चल रही है, मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना यहां पहले से चल रही है और अन्य योजना भी पहले से चल रही हैं.

ये है सदन का समीकरण

इस वक्त लोकसभा में कुल 539 सदस्य हैं. इस लिहाज से बहुमत का आंकड़ा 270 होता है. बीजेपी के अपने सदस्य 274 हैं. यानी वो अपने दम पर बहुमत पाने की हैसियत में है. लेकिन बीजेपी के 274 के आंकड़े में तीन पेंच भी हैं.

शत्रुघ्न सिन्हा, कीर्ति आजाद और श्यामाचरण गुप्ता बीजेपी के तीन ऐसे सांसद हैं, जो करीब-करीब हर मोर्चे पर पार्टी के खिलाफ खड़े नजर आते हैं. ऐसे में अगर ये तीनों वोटिंग में शामिल नहीं होते और इनके अलावा एक और वोट इधर उधर हुआ तो फिर बीजेपी को सहयोगी दलों का मुंह देखना पड़ सकता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here