15 से 18 साल वालों का टीकाकरण आज से, मिलेगी केवल कोवैक्सीन।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, किशोरों को केवल Covaxin टीका ही दिया जाएगा। जबकि, देश की वयस्क आबादी को Covaxin के अलावा Covishield और Sputnik-V टीके दिये जा रहे हैं।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को कहा कि 15-18 वर्ष आयु समूह के किशोरों के टीकाकरण के दौरान कोविड टीकों (Covid vaccination) में घालमेल से बचने के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अलग-अलग टीकाकरण केंद्र स्थापित करने सहित आवश्यक उपाय करने चाहिए। इस आयु वर्ग के लिए कोरोना रोधी टीकाकरण 3 जनवरी से शुरू होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, किशोरों को केवल कोवैक्सीन टीका ही दिया जाएगा। जबकि, देश की वयस्क आबादी को कोवैक्सीन के अलावा कोविशील्ड (Covishield) और स्पुतनिक-V (Sputnik-V) टीके दिये जा रहे हैं।

दिशानिर्देशों का सुचारु कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, मांडविया ने राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों और प्रमुख सचिवों तथा स्वास्थ्य संबंधी अतिरिक्त मुख्य सचिवों के साथ ऑनलाइन बातचीत की। मांडविया ने कहा, ‘टीकाकरण (Vaccination) के दौरान टीकों के घालमेल से बचने के लिए अलग कोविड टीकाकरण केंद्र या अलग कतार और अलग टीकाकरण टीम होनी चाहिए।’ एक बयान के अनुसार, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी गई है कि वे कोविन के जरिये लाभार्थियों का जिलावार अनुमान लगाकर और पहले से चिह्नित स्थलों के लिए कोवैक्सिन (Covaxin) वितरण की योजना बनाकर टीके की आवश्यकता साझा करें। मांडविया ने कहा कि ओमीक्रोन स्वरूप अत्यधिक संक्रामक है, जिसके कारण मामलों में उच्च वृद्धि से चिकित्सा प्रणाली प्रभावित हो सकती है। मंत्री ने राज्यों से कहा कि बुनियादी ढांचे में सुधार करने में कोई कसर न छोड़ें।

देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के 27,553 नये मामले सामने आये, जबकि 284 संक्रमितों की मौत हो गयी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि उपचाराधीन मामले बढ़कर 1,22,801 हो गये हैं। बीते 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 18,020 की वृद्धि हुई। दैनिक संक्रमण दर बढ़कर 2.55 प्रतिशत हो गयी है। वहीं, ओमीक्रोन स्वरूप के मामले बढ़कर 1525 हो गये हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने ओमीक्रोन स्वरूप (Omicron) के मामले बढ़ने के मद्देनजर दो हफ्तों के लिए सभी सुनवाई ‘वर्चुअल’ माध्यम से करने का रविवार को फैसला किया। एक परिपत्र के अनुसार हाईब्रिड सुनवाई के लिए पहला एसओपी परिपत्र इस अवधि के लिए निलंबित रहेगा। न्यायालय सर्दियों के अवकाश के बाद सोमवार से फिर से खुलने जा रहा है।

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