कश्मीर मुद्दे का हल सिर्फ भारत-पाकिस्तान को द्विपक्षीय ढंग से निकालना चाहिए: मैक्रों

भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय ढंग से कश्मीर मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए और क्षेत्र में किसी तीसरे पक्ष को ''हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए या हिंसा को भड़काना नहीं चाहिए।

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फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों (French President Emmanuel Macron) ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय ढंग से कश्मीर मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए और क्षेत्र में किसी तीसरे पक्ष को ”हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए या हिंसा को भड़काना नहीं चाहिए। मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) के साथ आमने-सामने की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की।

वार्ता के बाद एक साझा प्रेस बयान में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने उन्हें जम्मू कश्मीर पर भारत द्वारा लिये गये हाल के फैसले से अवगत कराया और यह भी बताया कि यह भारत की संप्रभुता से जुड़ा है। मैक्रों ने कहा, ”मैंने उनसे कहा कि भारत और पाकिस्तान को इस मुद्दे का समाधान निकालना होगा और किसी तीसरे पक्ष को इस क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए या हिंसा को भड़काना नहीं चाहिए।

एमैनुअल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखी जानी चाहिए और लोगों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा, ”मैं कुछ दिनों बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी बात करूंगा और उनसे कहूंगा कि वार्ता द्विपक्षीय होनी चाहिए।

मैक्रों ने कहा कि फ्रांस अगले महीने भारत को 36 राफेल लड़ाकू विमानों में से पहले विमान की आपूर्ति कर देगा।

मैक्रों (Emmanuel Macron) के बयान के बाद प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच दोस्ती किसी स्वार्थ पर नहीं टिकी है, बल्कि यह ‘स्वतंत्रता, समानता और भाइचारे के ठोस सिद्धांतों पर आधारित है। मोदी ने कहा, ”दोनों देश लगातार आतंकवाद का सामना कर रहे हैं। हमारा इरादा आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को व्यापक बनाना है।

मोदी ने कहा कि फ्रांस और भारत जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी समावेशी विकास की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक साथ खड़े हैं। मोदी ने कहा, ”हम सब मिलकर एक सुरक्षित और समृद्ध दुनिया का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। मोदी ने चेतऊ डी चैन्टिली में मैक्रों के साथ वार्ता शुरू होने से पहले ट्वीट किया, ” यह यात्रा फ्रांस के नेतृत्व के साथ पहले की गई बातचीत को आगे बढ़ाएगी। चेतऊ डी चैंन्टिली पेरिस से 50 किलोमीटर दूर स्थिति ऐतिहासिक इमारत है।

मैक्रों (Emmanuel Macron) ने मोदी को इस इमारत की ऐतिहासिक अहमियत के बारे में बताया और सदियों पुरानी इमारत दिखाने ले गए। दोनों नेताओं ने सीधी बातचीत की जिसके बाद शिष्टमंडल स्तर की वार्ता हुई। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी का हवाईअड्डे पहुंचने पर यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन येव्स ले ड्रायन ने स्वागत किया।

मोदी (PM Modi) ने Tweet किया, ” भारत और फ्रांस के बेहद दोस्ताना संबंध हैं और वर्षों से द्विपक्षीय और बहु पक्षीय रूप से एक साथ काम कर रहे हैं। मोदी दो दिवसीय इस यात्रा के दौरान अपने फ्रांसीसी समकक्ष एडवर्ड फिलिप से भी मुलाकात करेंगे और यहां भारतीय समुदाय से भी बातचीत करेंगे। वह फ्रांस में 1950 तथा 1960 के दशकों में एयर इंडिया के दो विमान हादसों में मारे गए पीड़ितों की याद में बनाए गए एक स्मारक स्थल का उद्घाटन करेंगे।

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