पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान का रुख बदला, माँगा एक और मौक़ा।

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत के सख्त रुख पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शांति को एक मौका देने को कहा है।

0
336

पुलवामा में आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack) के बाद भारत के सख्त रुख पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistan Prime Minister Imran Khan) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से शांति को एक मौका देने को कहा है। साथ ही यह आश्वासन दिया कि वह अपने शब्दों पर कायम रहेंगे। अगर भारत पुलवामा हमले पर पाकिस्तान को ‘कार्रवाई करने योग्य सुबूत’ देता है तो वह तत्काल उपयुक्त कदम उठाएंगे।

रविवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के कार्यालय के जारी बयान के मुताबिक, ‘प्रधानमंत्री इमरान खान अपनी इस बात पर कायम हैं कि अगर भारत कार्रवाई करने योग्य सुबूत देगा तो वह तत्काल कार्रवाई करेंगे। इमरान खान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को शांति (Peace) का एक और मौका देना चाहिए।

इमरान खान ने भारत से इससे पहले विगत 19 फरवरी को सुबूत मांगा था। साथ ही भारत को किसी जवाबी कार्रवाई के प्रति कड़े जवाब की धमकी दी थी। लेकिन भारत ने कहा था कि खान का हमले के सुबूत मांगना सिर्फ बहानेबाजी है।

इमरान खान का यह बयान विगत शनिवार को राजस्थान के टोंक में दिए प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘आतंकवाद के खिलाफ विश्व में एक राय बन चुकी है। आतंकवाद के पैरोकारों को पूरी ताकत से दंड दिया जाएगा। इस बार हिसाब होगा। यह हिसाब अच्छे के लिए होगा। यह नया भारत है, अब दर्द बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आतंकवाद को कुचलना हमें आता है।’ तब भारतीय पीएम ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान में नए प्रधानमंत्री को प्रोटोकॉल के तहत मैंने बधाई दी थी और कहा था कि बहुत लड़ लिए हिंदुस्तान-पाकिस्तान, लेकिन पाकिस्तान को कुछ नहीं मिला। इस पर इमरान ने कहा था कि मैं पठान का बच्चा हूं। मैं सच्चा बोलता हूं और सच्चा करता हूं। इस पर विगत दिवस मोदी ने प्रतिक्रिया दी कि आज इमरान के ये शब्द कसौटी पर हैं।

पुलवामा हमले के बाद के हालात पर बैठक करने के बाद रविवार को कुरैशी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पाकिस्तान तनाव को खत्म करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही उसने मामले में दखल देने के लिए संयुक्त राष्ट्र को भी पत्र लिखा है। भारत को चेतावनी देते हुए कुरैशी ने कहा कि वह पाकिस्तान पर बुरी नजर न डाले। वह अपना रुख बदले।

जम्मू-कश्मीर में नर्सों, डॉक्टरों और पैरामैडिक्स की छुट्टियां रद किए जाने पर उन्होंने पूछा कि भारत आखिर क्या जताना चाहता है? कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के बयान का हवाला देते हुए कहा कि आप लोगों को कैद कर सकते हैं, उनके विचारों को नहीं। उन्होंने भारतीय नेताओं से भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को सख्त कदम उठाने से बचने की सलाह देने को कहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here