पाकिस्तान ने भारतीय राजनयिक को निकाला, द्विपक्षीय व्यापार भी किया निलंबित।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि हम दिल्ली से अपने उच्चायुक्त को वापस बुला रहे हैं और उनके उच्चायुक्त को यहां से भेज रहे हैं।

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जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने से बौखलाए पाकिस्तान ने बुधवार को नई दिल्ली के साथ सभी राजनयिक संबंध तोड़ दिए। इस्लामाबाद में इस निर्णय की घोषणा करते हुए पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को भी अपना देश छोड़ने के आदेश दिए हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि हम दिल्ली से अपने उच्चायुक्त को वापस बुला रहे हैं और उनके उच्चायुक्त को यहां से भेज रहे हैं। हालांकि भारत की तरफ से पहले ही जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग बताकर उससे जुड़े मुद्दे को पूरी तरह अपना आंतरिक मामला बताते हुए पाकिस्तान के विरोध को खारिज किया जा चुका है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाहट में है। इसको लेकर पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आज इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की जिसमें पाक की तरफ से कई बड़े फैसले लिए गए।

बैठक में पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही NCC ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों के स्तर को भी कम करने का फैसला किया। पाकिस्तान ने यह धमकी भी दी है कि वह मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी ले जाएगा। इसके अलावा बैठक में फैसला हुआ है कि 14 अगस्त का दिन पाकिस्तान कश्मीरियों को समर्थन देने के तौर पर मनाएगा और 15 अगस्त को काला दिवस मनाएगा।

पाकिस्तान ने यह घोषणा प्रधानमंत्री इमरान खान की उस चेतावनी के बाद की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर पर भारत के उठाए गए कदम के ‘गंभीर नतीजे’ होंगे। मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद पुलवामा जैसे हमले की आशंका प्रकट करते हुए कहा कि इससे पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध छिड़ सकता है।

संसद की असाधारण संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने आगाह किया था कि यह ऐसा युद्ध होगा जिसे कोई नहीं जीतेगा और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के भारत सरकार के फैसले के एक दिन बाद कश्मीर की स्थिति पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई थी।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने स्पष्ट किया कि परमाणु हथियार से संपन्न दोनों पड़ोसियों के बीच मौजूदा तनाव में युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी विरोध करेंगे और भारत उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को जम्मू-कश्मीर के हालातों की जानकारी देत हुए मदद मांगी है। पाकिस्तानी और सऊदी मीडिया की तरफ से जारी खबरों के मुताबिक, दोनों ने मंगलवार को फोन पर वार्ता की। इस दौरान दोनों ने भारत की तरफ से जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने से क्षेत्र में उपजे हालातों पर चर्चा की। इसी दौरान इमरान ने सलमान को दोनों देशों के बीच तनाव के बारे में ‘संक्षिप्त’ जानकारी दी और पाकिस्तान की मदद करने का आग्रह किया।

भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले प्रावधानों को हटाते हुए सीमावर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश में विभाजित कर दिया था। सरकार के इस कदम को संसद की मंजूरी भी मिल चुकी है।

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