प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान से उपजे आतंकवाद से निपटने में सक्षम – डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप ने बगैर लाग लपेट के कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पाकिस्तान से उपजे आतंकवाद से निपटने में सक्षम हैं।

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कश्मीर मुद्दे (Kashmir Issue) की आड़ में अपने आतंकी चेहरे को बचाने में जुटे पाकिस्तान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने करारा झटका दिया है। ट्रंप ने बगैर लाग लपेट के कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पाकिस्तान से उपजे आतंकवाद से निपटने में सक्षम हैं। यह बात ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक शुरू होने से पहले मीडिया से बात करते हुए कही।

पिछले दो दिनों में पीएम मोदी (PM Modi) और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच यह दूसरी मुलाकात है। इस मुलाकात में भी दोनों नेताओं के बीच ह्यूस्टन (Houston) में आयोजित हाउडी मोदी कार्यक्रम की गर्मजोशी देखने को मिली। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक चली बातचीत में आतंकवाद का मुद्दा काफी अहम रहा। हालांकि, काफी कोशिशों के बावजूद कारोबार पर कोई सहमति नहीं बन पाई है।

ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक सीमित ट्रेड समझौता होने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि विस्तृत व्यापार समझौता बाद में होगा, लेकिन सीमित समझौते की घोषणा जल्द की जाएगी। सनद रहे कि द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत के उद्योग व वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी न्यूयॉर्क पहुंचे हैं।

वार्ता के बाद संवाददाता सम्मेलन में विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि कारोबार से जुड़े मुद्दे काफी जटिल हैं। इसमें दोनों तरफ की कंपनियों का हित है, नौकरियां जुड़ी हुई हैं। निवेश का मुद्दा है। इसलिए दोनों पक्ष इस पर बात जारी रखेंगे। भारत की तरफ से अपनी कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में ज्यादा पहुंच की मांग की जा रही है। साथ ही अमेरिकी कंपनियों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा।

हालांकि, गोखले ने यह समझौता कब तक होगा, इस बारे में कुछ भी नहीं बताया। उन्होंने कि दोनों देश कारोबारी समझौते पर समयबद्ध कार्यक्रम के तहत काम करेंगे।गोखले ने कहा कि आतंकवाद निश्चित तौर पर सबसे अहम मुद्दा रहा जिस पर दोनों नेताओं के बीच काफी विस्तार से बात हुई। भारत की तरफ से ट्रंप को बताया गया कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान से क्या उम्मीद है।

मोदी ने ट्रंप के सामने स्पष्ट किया भारत पाकिस्तान से बातचीत से पीछे नहीं हट रहा है, लेकिन बातचीत से पहले पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ कुछ ठोस कदम उठाने होंगे। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठा। मोदी ने बताया कि भारत में आतंकवाद की समस्या पूरी तरह से सीमा पार से आती है।

उन्होंने ट्रंप को यह भी बताया कि भारत में भी काफी संख्या में मुस्लिम रहते हैं, लेकिन उनके बीच कट्टरपन नहीं है। आधिकारिक वार्ता शुरू होने से पहले ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण बयान यह दिया कि मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर इस्लामाबाद को बहुत ही साफ और मजबूत संदेश दिया है। इसे एक तरह से बालाकोट में भारतीय वायुसेना की कार्रवाई के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।

इसके पहले दोनों नेताओं की अगुआई में बैठक शुरू होते ही मोदी ने ट्रंप को ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में आने के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें सपरिवार भारत आने का अपना निमंत्रण दोहराया। उन्होंने ट्रंप को अपना मित्र होने के साथ ही भारत का मित्र भी करार दिया। इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि ‘हाउडी मोदी’ गजब का था और मोदी भारत के एल्विस प्रिसले (गुजरे जमाने के प्रख्यात पॉप स्टार) हैं।

मोदी से मुलाकात के पहले ट्रंप ने कश्मीर पर मध्यस्थता की बात फिर दोहराई थी, लेकिन द्विपक्षीय वार्ता के दौरान उनका रवैया बदला हुआ था। यहां तक कि मीडिया के सवालों का जवाब देने में भी ट्रंप का रवैया इमरान खान के साथ होने वाली बैठक से अलग था। कश्मीर पर भी दोनों पक्षों के बीच बात हुई है, लेकिन कारोबार, आतंकवाद और वैश्विक हालात को ज्यादा तवच्जो दी गई।

यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों को मिल रही मदद पर किस तरह से रोक लगाएंगे तो ट्रंप का जवाब था कि मैंने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से भी बात की है, उन्होंने भी शांति स्थापित करने की बात कही है और आतंक को खत्म करने का प्रयास करने का वादा किया है। लेकिन हमारा मानना है कि अगर मोदी और इमरान खान एक साथ काम करें तो निश्चित तौर पर कुछ हो सकता है। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अमेरिका के लिए ईरान आतंकियों को समर्थन देने वाला सबसे बड़ा देश है। यही बात उन्होंने इमरान खान के साथ एक दिन पहले हुई बैठक में भी कही थी।


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