40 किलो चांदी की शिला से रखेंगे पीएम मोदी अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला

मणिराम छावनी के पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपालदास बताते हैं कि प्रधानमंत्री के हाथों मंदिर की आधारशिला रखवाने के लिए 40 किलो चांदी की शिला बनवाई है।

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Ayodhya: रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के भव्य मंदिर निर्माण की आधारशिला रखने 5 अगस्त को अयोध्या आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) को लेकर संत समाज काफी खुश है। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष व मणिराम छावनी के पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपालदास बताते हैं कि प्रधानमंत्री के हाथों मंदिर की आधारशिला रखवाने के लिए 40 किलो चांदी की शिला बनवाई है। इसे प्रधानमंत्री को दिया जाएगा।

मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास कहते हैं कि लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की तरह अपना संकल्प पूरा कर प्रधानमंत्री यहां आ रहे हैं। यह अयोध्या के लिए सुखद संयोग है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर राष्ट्र का मंदिर है, इसलिए राष्ट्रनायक के करकमलों से ही भूमि पूजन होना ही चाहिए। इसके साथ ही अयोध्या के आमजन में भी खासा उत्साह है। उल्लेखनीय है कि 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल से ही उनके अयोध्या आगमन की प्रतीक्षा हो रही है। अयोध्यावासियों को भरोसा था कि प्रधानमंत्री मोदी यहां जरूर आएंगे। जब रामजन्मभूमि विवाद का सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से समाधान हो गया तो पीएम मोदी का आना तय माना जा रहा था।

रामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येन्द्र महाराज ने कहा कि रामलला के भव्य मंदिर की आधारशिला यदि प्रधानमंत्री के हाथों रखी जाएगी इससे सुंदर बात दूसरी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि इस घड़ी की प्रतीक्षा सभी रामभक्तों को सदियों से थी। भगवत कृपा से यह शुभ समय आ गया है। सदगुरु सदन गोलाघाट के महंत सियाकिशोरी शरण महाराज ने कहा कि ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ कि निस्पृह भावना से राष्ट्र कार्य करने प्रधानमंत्री मोदी का जीवन भी संन्यासी की ही तरह है। ऐसे संन्यासी के हाथों भूमि पूजन देश व समाज के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा।

रामकथा कुंज के आचार्य डा. रामानंद दास ने कहा कि सैकड़ों वर्षों के विवाद का पटाक्षेप होने में निश्चित रूप से प्रधानमंत्री श्रीमोदी व उनके सहयोगियों की बड़ी भूमिका थी। ऐसे में राम मंदिर के निर्विघ्न निर्माण का श्रेय भी उन्हें ही मिलना चाहिए। उन्होंने सभी के आग्रह को स्वीकार अपनी सदायशता ही प्रदर्शित की है। रंगमहल के रामशरण दास महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री श्रीमोदी की कार्यकुशलता की प्रशंसक पूरी दुनिया है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में देश को दुर्लभ नेतृत्व प्रदान किया है। ऐसा नेतृत्व जब हमारे बीच होगा तो सम्पूर्ण अवधवासियों के लिए वह क्षण आनंददाई होगा। जगदगुरु रामदिनेशाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री का आगमन अयोध्या के गौरव को बढ़ाने वाला होगा। रामवल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री श्रीमोदी रामलला के परम भक्त हैं और उन्होंने उनके मूल्यों को जीवन में अपनाया है। ऐसे भक्त के हाथ आराध्य के मंदिर का शिलान्यास सुखद संयोग बनाएगा।

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