कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन की संभावनाएं ख़त्म।

हरियाणा कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को राज्य में एक भी सीट देने से मना कर दिया. जिसके चलते आम आदमी पार्टी ने भी कांग्रेस से दूरी बना ली है.

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दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (Congress-AAP Alliance) के बीच गठबंधन नहीं होगा. सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) दिल्ली में कांग्रेस (Congress) को तीन सीटें दे रही थीं, जिसके बदले हरियाणा में तीन सीटें मांग रही थी, लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी. बताया जा रहा है कि हरियाणा कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (Congress-AAP Alliance) को राज्य में एक भी सीट देने से मना कर दिया. जिसके चलते आम आदमी पार्टी ने भी कांग्रेस से दूरी बना ली है.

कांग्रेस ने भी गठबंधन की संभावनाओं को खत्म करके दिल्ली के सभी पूर्व सांसदों को चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा है. दक्षिणी दिल्ली से पूर्व सांसद रमेश कुमार, नई दिल्ली से अजय माकन, पूर्वी दिल्ली से संदीप दीक्षित या शीला दीक्षित, पश्चिमी दिल्ली से महाबल मिश्रा, चांदनी चौक से कपिल सिब्बल, उत्तरी पूर्वी दिल्ली से जयप्रकाश अग्रवाल और उत्तरी पूर्वी दिल्ली की कांग्रेस सांसद कृष्णा तीरथ के बीजेपी में जाने की वजह से यहां से राजकुमार चौहान लड़ सकते हैं.

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है. इसकी औपचारिक शुरुआत उत्तरी पूर्वी दिल्ली से हुई. आम आदमी पार्टी का ये डोर टु डोर कैंपेन है. नाम दिया गया है मेगा जनसंपर्क. लक्ष्य 35 लाख वोटरों तक पहुंचने और उनको पूर्ण राज्य का संदेश देने का है. आम आदमी पार्टी अपने 13 हज़ार बूथ प्रमुखों के जरिये दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों में आज से घर-घर जाकर वोटरों से संवाद करने में जुटी है. उत्तरी पूर्वी दिल्ली से ‘आप’ के उम्मीदवार दिलीप पांडे से जब प्रतिद्वंदी को लेकर सवाल पूछा जो जवाब था ये निजी टक्कर नहीं.

उत्तर पूर्वी लोकसभा की तरक्की को लेकर सांसदों ने इन लोकसभा में कुछ नहीं किया. ये लड़ाई जनता और उन लोगों के बीच है जो जनता की उम्मीदों पर खड़े नहीं उतरे. ये लड़ाई दिलीप पांडे की है नहीं. दिलीप पांडे की कोई औकात नहीं है. बड़ी बात ये है कि कौन पूर्ण राज्य के साथ है और कौन खिलाफ. जनसंपर्क अभियान से पहले आम आदमी पार्टी कई जनसभाएं कर चुकी है. बुधवार से ‘आप’ के सातों उम्मीदवार जनता के बीच तो जा रहे हैं.

आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने गठबंधन के सवाल पर कहा कि गठबंधन का मसला कांग्रेस के ऊपर है. कांग्रेस से हमारी एक ही बात है अगर केंद्र में मोदी सरकार को हटाना है. लोकतंत्र को बचाना है तो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गोआ, चंडीगढ़ में 33 सीटें हैं जहां अगर मिलाकर लड़ा जाए तो 33 सीटों पर भाजपा को हराया जा सकता है. बंद कमरे में गठबंधन के बीच की जो भी तस्वीर बने पर आम आदमी पार्टी के नेता अब जनता के बीच अपनी जीत की ज़मीन तलाशने में जुट गए हैं.


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