प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में दोबारा मांगी माफी, कहा- मैंने गोडसे को देशभक्त नहीं कहा

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि गोडसे भी हिंसा का प्रयोग करता था और यह (प्रज्ञा) भी हिंसा का प्रयोग करती हैं।

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भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Pragya Thakur) ने बुधवार को लोकसभा में की गई टिप्पणी को लेकर शुक्रवार सुबह माफी मांगी। साथ ही कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। हालांकि विपक्ष उनकी माफी से संतुष्ट नहीं हुआ और लगातार लोकसभा (Parliament) में हंगामा करता रहा। विपक्ष ने मांग की कि वह बिना शर्त माफी मांगें। जिसके बाद शुक्रवार दोपहर को साध्वी ने दोबारा अपने बयान पर माफी मांगी और कहा कि उन्होंने गोडसे के नाम का उल्लेख नहीं किया था।

27 नवंबर को विशेष सुरक्षा समूह (संशोधन) विधेयक, 2019 पर चर्चा के दौरान साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, ‘मैंने नाथूराम गोडसे (Nathu Ram Godse) को देशभक्त नहीं कहा था। मैंने उसका नाम तक नहीं लिया। यदि मैंने किसी की भावनाओं को आहत किया है तो मैं दोबारा माफी मांगती हूं।’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शुक्रवार को कहा कि वह लोकसभा में विवादित बयान देने वाली भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह को आतंकवादी बताने वाली अपनी टिप्पणी पर कायम हैं। अपने खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की भाजपा की मांग के बारे में पूछे जाने पर गांधी ने कहा कि इससे उन्हें कोई समस्या नहीं है।

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि गोडसे भी हिंसा का प्रयोग करता था और यह (प्रज्ञा) भी हिंसा का प्रयोग करती हैं। यह पूछे जाने पर क्या वह प्रज्ञा को आतंकवादी बताने वाली टिप्पणी पर कायम हैं तो गांधी ने कहा, हां। जो मैंने ट्वीट पर लिखा है, उस पर कायम हूं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रज्ञा ने वही कहा है जिसमें वह विश्वास करती हैं।

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने इस हंगामे के बाद लोकसभा अध्यक्ष को सलाह दी कि वह सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को बुलाकर बात करें और मामले को सुलझाएं। मुलायम ने कहा, ‘हमारी राय यह है कि विपक्षी सदस्यों को जो परेशानी है, वह उसका इजहार कर रहे हैं। आप पांच-दस मिनट के लिए सदन बंद कर इधर और उधर के लोगों को बुलाकर बात कर लीजिए। यह हमेशा होता रहा है।’ इस पर स्पीकर ने कहा कि वह उनकी अच्छी राय पर विचार करेंगे।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘हमारी केवल एक मांग है। हम चाहते हैं कि वह बिना किसी किंतु-परंतु के केवल माफी मांगे।’

AIMIM के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार बताए कि गोडसे आतंकवादी है या नहीं। आपने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर का बयान रिकॉर्ड में नहीं है। यह एक बड़ा घातक उल्लंघन है जो सदस्य के आचरण के बुनियादी मानकों के खिलाफ जाता है। सदस्य को स्पष्ट रूप से यह कहना चाहिए कि गोडसे देशभक्त नहीं है, वह एक आतंकवादी है और गांधी का हत्यारा है।

जिसके बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर को आतंकवादी कहने के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन लाने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा, ‘महाराष्ट्र में कांग्रेस ने शिवसेना के साथ सरकार बनाई है। शिवसेना ने नाथूराम गोडसे को सामना में देशभक्त कहा था। कांग्रेस सत्ता और लालच के लिए किसी भी सीमा तक जा सकती है।’

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा, ‘केवल यह देश नहीं बल्कि पूरी दुनिया महात्मा गांधी के सिद्धांतों का पालन करती है। हमें इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। यदि हम ऐसा करते हैं तो यह दुनिया के सामने जाएगा। इसलिए मैं कहता हूं कि यह बयान रिकॉर्ड में नहीं जाएंगे। यह सदन महात्मा गांधी की हत्यारे को महिमा मंडित करने की अनुमति नहीं देता है चाहे वह इस सदन में हो या बाहर। कल रक्षा मंत्री ने सरकार की तरफ से बयान दिया था। सांसद प्रज्ञा भी माफी मांग चुकी हैं।’

भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को लेकर दिए गए अपने बयान पर माफी मांग ली है। 29 नवंबर को लोकसभा में उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वो महात्मा गांधी का सम्मान करती हैं और यदि उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो इसके लिए उन्हें खेद है।

इसके बाद प्रज्ञा ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि लोकसभा के एक सदस्य ने उन्हें सार्वजनिक रूप से आतंकवादी कहा है, जो अनुचित और गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि जिस समय यूपीए सरकार का शासन था, उस समय उनके खिलाफ षड्यंत्र करके उन्हें जेल भेजा गया, प्रताड़ित किया गया और उन्हें आतंकवादी साबित करने की पुरजोर कोशिशें की गईं थीं। प्रज्ञा ने कहा कि बिना आरोप साबित हुए उन्हें आतंकी कहा गया जो गैर-कानूनी है।

लोकसभा जाने से पहले साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, महासचिव भूपेंद्र यादव और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की थी। संसद भवन में हुई बैठक में पार्टी के सभी बड़े नेताओं ने प्रज्ञा ठाकुर को सदन में अपना पक्ष रखने के लिए कहा।

गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को अपने ट्विटर पर लिखा था कि आतंकी प्रज्ञा, महात्मा गांधी के हत्यारे आतंकवादी को देशभक्त कह रही हैं। यह भारतीय संसद के इतिहास का सबसे काला दिन है।

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