राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुप्रीम कोर्ट में चार जजों की नियुक्ति को दी मंजूरी।

नियुक्त हुए चार नए जजों में से बीआर गवईं मौजूदा मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के बाद मुख्य न्यायाधीश बन सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो जस्टिस केजी बालाकृष्ण के बाद गवईं देश के दूसरे एससी जाति के चीज जस्टिस होंगे.

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चार नए जजों की नियुक्ति को अपनी मंजूरी दे दी है. जिन जजों को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के नए जज के तौर पर नियुक्त किया गया है उनमें
-बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस बीआर गवईं,
-हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत,
-झारखंड के चीफ जस्टिस अनुरुद्ध बोस और
-गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एएस बोपन्ना शामिल हैं.
इन चार जजों की नियुक्ति के साथ ही अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जजों की कुल संख्या 31 हो गई है. चारों जज (Supreme Court) गुरुवार या शुक्रवार को शपथ ले सकते हैं. बता दें कि वर्ष 2010 के बाद सुप्रीम कोर्ट में पहली बार तय जजों की संख्या रहेगी.

नियुक्त हुए चार नए जजों में से बीआर गवईं मौजूदा मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के बाद मुख्य न्यायाधीश बन सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो जस्टिस केजी बालाकृष्ण के बाद गवईं देश के दूसरे एससी जाति के चीज जस्टिस होंगे. गौरतलब है कि इससे पहले जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस एएस बोपन्ना की सुप्रीम कोर्ट में जज की नियुक्ति को लेकर सिफारिश को कॉलेजियम ने एक बार फिर दोहराया था और केंद्र की दलील खारिज कर दी थी. कॉलेजियम ने फिर से दोनों की सिफारिश केंद्र को भेजी थी. उस समय केंद्र सरकार ने कॉलेजियम की सिफारिश को नकार दिया था.

सरकार ने वरिष्ठता का हवाला देकर जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस एएस बोपन्ना की सिफारिश पर कॉलेजियम को फिर से विचार करने को कहा था. इसके बाद कॉलेजियम ने 12 अप्रैल को झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अनिरुद्ध बोस और गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एएस बोपन्ना को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त करने की सिफारिश की थी.

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