राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री ने दी राम जेठमलानी को श्रद्धांजलि।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक अनुभवी वकील रामजठमलानी के निधन पर दुख व्यक्त किया। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने राम जेठमलानी को उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी।

0
234

वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) का दिल्ली में उनके आवास पर निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। उनके परिजनों ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वे पिछले कई महीनों से बीमार थे। उन्होंने ये भी बताया कि जेठमलानी (Ram Jethmalani) का 14 सितंबर को 96वां जन्मदिन था। उनका अंतिम संस्कार आज शाम को यहां लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा।

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने अनुभवी वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी को उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दिग्गज वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी को उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक अनुभवी वकील रामजठमलानी के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे वाक्पटुता के साथ सार्वजनिक मुद्दों पर अपना विचार व्यक्त करने के लिए जाने जाते थे। राष्ट्र ने एक प्रतिष्ठित न्यायविद् को खो दिया है।

पीएम मोदी ने राम जेठमलानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देश ने एक असाधारण वकील और एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को खो दिया है, जिन्होंने अदालतों और संसद में समृद्ध योगदान दिया है।

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अनुभवी वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी को उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी।

गृहमंत्री अमित शाह ने राम जेठमलानी को उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी।

महेश ने बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार शाम को यहां लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा। उनके बेटे ने बताया कि राम जेठमलानी का 14 सितंबर को 96 वां जन्मदिन था । जेठमलानी के परिजनों ने इसकी जानकारी दी। जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने बताया कि उन्होंने अंतिम सांस आज सुबह 7.45 बजे ली।

जेठमलानी देश के सबसे बेहतरीन वकीलों में शुमार थे। उन्होंने इस दौरान कई बड़े केस लड़े और जीते। वे दिग्गज वकील होने के साथ-साथ केंद्रीय कानून मंत्री भी रह चुके थे। राम जेठमलानी पिछले कुछ महीने से गंभीर रूप से बीमार थे। उन्होंने सात दशक तक वकालत की और साल 2017 में इससे संन्यास ले लिया था।

17 साल की उम्र में वकालत शुरू करने वाले जेठमलानी ने राजीव गांधी और इंदिरा गांधी की हत्या के आरोपियों से लेकर चारा घोटाला मामले में लालू यादव तक का केस लड़ा था। यही नहीं जेठमलानी ने संसद हमले के मामले में अफजल गुरु और सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में अमित शाह का केस भी लड़ा था।

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में जेठमलानी केंद्रीय कानून मंत्री और शहरी विकास मंत्री भी रहे हैं। यही नहीं वे साल 2004 में अटल बिहारी बाजपेयी के खिलाफ लखनऊ से चुनाव लड़े। साल 2010 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया था। फिलहाल वो आरजेडी से राज्यसभा सांसद थे। जेठमलानी का जन्म सिंध प्रांत के सिखारपुर में 14 सितंबर 1923 को हुआ था। उन्होंने साल 1959 में केएम नानावती बनाम महाराष्ट्र सरकार का केस लड़ने के बाद प्रसिद्धि हासिल की थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here