राहुल गांधी को मनाने के लिए प्रियंका गाँधी समेत कई नेता पहुंचे घर।

राहुल के घर पर पार्टी की महासचिव और उनकी बहन प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi), सचिन पायलट (Sachin Pilot) और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) समेत कई नेता पहुंचे हैं।

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लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के कारण कांग्रेस में तूफान उठा हुआ है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं। अब राहुल के घर पर पार्टी की महासचिव और उनकी बहन प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi), सचिन पायलट (Sachin Pilot) और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) समेत कई नेता पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि सभी राहुल को मनाने के लिए पहुंचे हैं।

इससे पहले कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को राहुल से उनके घर पर मिलने की कोशिश की, लेकिन राहुल ने मिलने से इनकार कर दिया। इन सबके बावजूद राहुल ने कहा कि अब पार्टी को गांधी परिवार से बाहर किसी और को अध्यक्ष चुन लेना चाहिए। इस मुद्दे पर अब बात करने के लिए CWC या पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की इस हफ्ते बैठक हो सकती है।

राजस्थान में सभी 25 सीट हारने के बाद कांग्रेस में कलह छिड़ गया है। राहुल ने सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात करने से इनकार कर दिया। सूत्रों के मुताबिक राहुल ने सुबह 11 बजे गहलोत को मिलने का अपॉइंटमेंट दिया था लेकिन फिर उनसे मिलने से इनकार कर दिया। राहुल गहलोत के पुत्रमोह पर भी नाराजगी जता चुके हैं।

जिसके बाद गहलोत AICC संगठन के प्रमुख केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) से चर्चा के बाद वापस लौट गए। राहुल ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कहा था कि गहलोत और कमलनाथ जैसे नेताओं ने अपने बेटों और रिश्तेदारों को टिकट दिलाने की जिद की और वो उन्हीं को चुनाव जिताने में लगे रहे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वायनाड लोकसभा क्षेत्र से अपनी जीत के बाद वहां के लोगों को धन्यवाद देने जाएंगे। वह अगले दो दिन के लिए वायनाड के दौरे पर जा सकते हैं। अमेठी में मिली हार के बाद राहुल का ये दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि राहुल के इस्तीफे को CWC ने अस्वीकार करते हुए कहा है कि उन्हें पार्टी में आवश्यक बदलाव करने की पूरी छूट है। इसके अलावा राज्य ईकाई भी इस बात का दबाव बना रही है कि राहुल इस्तीफा ना दें। यही कारण है कि राज्य ईकाइयों के प्रमुख पार्टी के सामने अपने इस्तीफे की पेशकश कर रहे हैं।

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