भाजपा अपराध रोकने में तो नाकामयाब है मगर मुझे मेरा कर्तव्य करने से रोक रही है – प्रियंका गांधी

उत्तर प्रदेश सरकार की ड्यूटी है अपराधियों को पकड़ना, मेरा कर्तव्य है अपराध से पीड़ित लोगों के पक्ष में खड़े होना. बीजेपी अपराध रोकने में नाकामयाब है मगर मुझे मेरा कर्तव्य करने से रोक रही है.

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Sonbhadra: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को शुक्रवार को मिर्जापुर जिला प्रशासन ने सोनभद्र (Sonbhadra) जाते समय हिरासत में ले लिया. प्रियंका (Priyanka Gandhi) सोनभद्र में हुए नरसंहार के पीड़ितों से मिलने उनके गांव जा रही थीं. प्रियंका और वाराणसी से लोकसभा उम्मीदवार रहे अजय राय (Ajay Rai) को मिर्जापुर सीमा के करीब नारायणपुर में हिरासत में लेकर चुनार किले में स्थित सरकारी गेस्ट हाउस ले जाया गया. पुलिस ने हालांकि प्रियंका को हिरासत में लिए जाने की खबरों का खंडन किया है.

हिरासत में लिए जाने के बाद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के तेवर और तेज हो गए, उन्होंने Twitter के माध्यम से बीजेपी और योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लिया. उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ड्यूटी है अपराधियों को पकड़ना, मेरा कर्तव्य है अपराध से पीड़ित लोगों के पक्ष में खड़े होना. बीजेपी अपराध रोकने में नाकामयाब है मगर मुझे मेरा कर्तव्य करने से रोक रही है. उन्होंने लिखा कि मुझे पीड़ितों के समर्थन में खड़े होने से कोई नहीं रोक सकता. कृप्या अपराध रोकिए.

प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को पुलिस द्वारा रोके जाने का विरोध राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी किया. राहुल गांधी ने Twitter पर लिखा कि प्रियंका गांधी को उस वक्त “गैरकानूनी रूप से गिरफ्तार” किया गया जब वह सोनभद्र जिले (Sonbhadra) में हुए खूनी संघर्ष के पीड़ितों से मिलने जा रही थीं. उन्होंने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “सत्ता का मनमाना इस्तेमाल” उनकी बढ़ती असुरक्षा को उजागर करता है.

वहीं कांग्रेस पार्टी की तरफ से भी इस पर प्रतिक्रिया देखने को मिली. कांग्रेस के आधिकारिक Twitter अकाउंट के जरिए योगी सरकार पर निशाना साधा गया. खास बात ये रही कि इस Tweet में योगी आदित्यनाथ के असली नाम का इस्तेमाल किया गया. यहां योगी सरकार को अजय सिंह बिष्ट सरकार से संबोधित करते हुए कांग्रेस ने लिखा कि यूपी की अजय सिंह बिष्ट सरकार द्वारा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाने से जबरन रोकना लोकशाही का अपमान है. बगैर लिखित आदेश और संविधान की मूल भावना के विपरित अजय सिंह बिष्ट सरकार का यह कदम तानाशाही को दर्शाता है. कांग्रेस ने लिखा कि हम पीड़ितो को न्याय दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और बीजेपी सरकार ने ओछे हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं.

गौरतलब है कि बुधवार को गांव प्रधान यज्ञदत्त ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर करीब 200 लोगों को लेकर घोरावल थाना इलाके के उम्भा गांव पहुंचे. उन लोगों के पास गंड़ासे और अवैध तमंचे थे. प्रधान ट्रैक्टरों से खेत की जबरन जुताई करवाने लगा. इस पर ग्रामीणों ने विरोध किया तो प्रधान के समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया. इस दौरान 10 लोगों की मौत हो गई थी और 2 दर्जन से अधिक लोग घायल हैं.

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