‘मेरी जीत मुझ पर सवाल उठाने वालों के लिए जवाब है’- पीवी सिंधु

वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप (World Badminton Championship) में गोल्ड मेडल जीतकर पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने भारत के लिए सुनहरा इतिहास लिख दिया।

0
454

रविवार को वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप (World Badminton Championship) में गोल्ड मेडल जीतकर पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने भारत के लिए सुनहरा इतिहास लिख दिया। इस जीत से पहले सिंधु बड़े मैचों के फाइनल में पहुंचकर हार जा रही थीं। तभी तो खिताब जीतने के बाद एक इंटरव्यू में सिंधु ने कहा कि, ‘फाइनल, सेमीफाइनल में हार जाने के बाद मैं गुस्से और निराशा से भर जाती थी। पिछले दो विश्व चैंपियनशिप में भी अहम मुकाबलों में निराशा हाथ लगी, लेकिन यह जीत मेरे तमाम आलोचकों को जवाब है।

सिंधु (PV Sindhu) ने कहा कि मेरा गोल्ड उन सभी लोगों को जवाब है, जो बार-बार मेरे खेल पर सवाल उठाते थे। मैं सिर्फ अपने रैकेट से उनका मुंह बंद कराना चाहती थी, जो मैंने कर दिया। मैंने खुद को प्रोत्साहित किया, जीत के लिए तैयार किया और अब परिणाम सभी के सामने है।

सिंधु (PV Sindhu) की इस ऐतिहासिक जीत के बाद चारों तरफ से उन्हें बधाई मिल रही है। सिंधु आज बुलंदियों पर हैं। यह स्टार शटलर वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वालीं पहली भारतीय बन गईं। खिताबी मुकाबले में रविवार को जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-7, 21-7 से हराकर उन्होंने यह मुकाम पाया।

इस चैंपियनशिप में उनके पास दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज थे। स्कॉटलैंड में आयोजित 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में सिंधु (PV Sindhu) का गोल्ड जीतने का सपना ओकुहारा ने ही तोड़ा था, तब सिंधु को इस जापानी शटलर ने 21-19, 20-22, 22-20 से कड़े संघर्ष में मात दी थी। पर आखिरकार उन्होंने सोना जीतने में कामयाबी हासिल कर ही ली। आम तौर पर एक, दो हार के बाद बड़े-बड़े दिग्गजों का हौसला टूटने लगता है, 25 अगस्त को उन्होंने सबकुछ पा लिया।

अक्सर खिताबी मुकाबलों में हारने वालीं पीवी (PV Sindhu) जब रविवार को कोर्ट पर उतरीं तो वह एक अलग ही अंदाज में दिखीं उन्होंने पूरे मैच के दौरान ओकुहारा पर अपना दबदबा बनाए रखा और इस जापानी खिलाड़ी को कहीं से भी मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

आज से 6 साल पहले साल 2013 में सिंधु (PV Sindhu) ने पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप से ही वर्ल्ड बैडमिंटन में अपनी पहचान बनाई थी। सीनियर लेवल पर सिंधु ने पहली बार इसी टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर अपने नाम की सनसनी मचाने वाली सिंधु, 2012 ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालीं साइना नेहवाल की विरासत को ही आगे बढ़ा रहीं हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here