बीजेपी ने गठबंधन की सीटों को लेकर समय रहते बात की तो इससे नुकसान भी हो सकता है – चिराग पासवान

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NDA से उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) की पार्टी रालोसपा के अलग होने के बाद इसमें एक और फूट के संकेत मिल रहे हैं. अब बिहार में सम्मानजनक सीटों को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के सांसद और रामविलास पासवान (Ramvilas Paswan) के बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने भाजपा (BJP) को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि टीडीपी और रालोसपा के जाने के बाद अब एनडीए गठबंधन नाजुक मोड़ से गुजर रहा है. इसके बाद पासवान ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की तारीफ की है. तीन राज्यों में कांग्रेस को मिली जीत पर पासवान ने राहुल गांधी के बारे में कहा कि वे अच्छा कर रहे हैं और इस जीत से वे थोड़ा उत्साहित भी हैं.

चिराग पासवान ने कहा, ‘मेरा मानना है कि राहुल गांधी को इस पर ज्यादा उत्साहित होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि सत्ता विरोधी लहर होने के बावजूद कांग्रेस को इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी और उन्होंने बहुत कम अंतर से जीत हासिल करके सरकार बनाई है.’

इससे पहले ट्वीट करके चिराग पासवान ने भाजपा को चेताया था. उन्होंने ट्वीट किया था, ‘टीडीपी और रालोसपा के जाने के बाद एनडीए गठबंधन नाजुक मोड़ से गुजर रहा है. ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी गठबंधन में फिलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीके से दूर करें.’

इसके अलावा उन्होंने एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा है, ‘गठबंधन की सीटों को लेकर कई बार भारतीय जनता पार्टी के नेताओ से मुलाक़ात हुई परंतु अभी तक कुछ ठोस बात आगे नहीं बढ़ पायी है. इस विषय पर समय रहते बात नहीं बनी तो इससे नुकसान भी हो सकता है.’

साथ ही एनडीटीवी से बात करते हुए पासवान ने अपने सहयोगी दल भाजपा को एक कड़ा मैसेज देते हुए कहा कि राम मंदिर का मुद्दा एनडीए का नहीं, भाजपा का है. अब समय थोड़ा सुधार का है. उन्होंने कहा कि इन तीन राज्यों के चुनाव से पहले राम मंदिर का मुद्दा असली मुद्दों पर हावी हो गया था, एनडीए का एजेंडा ‘विकास का मैसेज’ गड़बड़ा गया.

पासवान ने कहा, ‘राम मंदिर भाजपा का एजेंडा है और उन्हें पूरी छूट है इसे उठाने की. लेकिन जब यह मुद्दा आम आदमी से जुड़े दूसरों मुद्दों पर हावी होने लगे तो इस पर दोबारा काम करने की जरूरत है. इसे इतनी प्रमुखता नहीं दी जानी चाहिए कि दूसरे मुद्दे दब जाएं.’

उन्होंने कहा कि एनडीए के ज्यादात्तर साथी दलों का राम मंदिर मुद्दे पर एक ही रुख है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जाए और उसे स्वीकार करना चाहिए.

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