राहुल ने बेरोजगारी पर दिया ISIS का उदाहरण, बीजेपी ने किया पलटवार

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जर्मनी के हैम्बर्ग में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दिए गए भाषण में बेरोजगारी को आतंकी संगठन ISIS से जोड़ने को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला बोला है। राहुल ने मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि विकास की प्रक्रिया से आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों को बाहर रखा जा रहा है, जिसके खतरनाक परिणाम होंगे।

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस कर राहुल पर पलटवार किया और कहा कि, ‘कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा ISIS की स्थापना को न्यायसंगत ठहराने की बात सुनकर भयभीत हूं। इसके अलावा राहुल गांधी यह भी कह रहे हैं कि यदि मोदी जी देश को कोई विजन नहीं देते हैं तो कोई और (ISIS) यह काम कर देगा… अविश्वसनीय… वह पीएम पद के उम्मीदवार हैं?’

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, ‘हैम्बर्ग में हुए कार्यक्रम में राहुल गांधी ने 23 देशों के प्रतिनिधियों के सामने कई विषयों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने ISIS की स्थापना को सही ठहराने का भी प्रयास किया।’

संबित पात्रा ने बेहद तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी ने विदेश में देश का मान घटाया है। ऐसा करने के लिए राहुल को माफ नहीं किया जा सकता है। पात्रा ने कहा, ‘राहुल ने कहा कि सीरिया में नौकरियों की कमी की वजह से ISIS बना। राहुल गांधी ने कहा कि यदि पीएम मोदी भारत को कोई विजन नहीं दे पाए तो कोई और (ISIS) यह काम करेगा।’ पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने ISIS की स्थापना को सही ठहराते हुए उनके कृत्यों को भी एक बहाना दिया।

संबित पात्रा ने सवाल उठाते हुए पूछा, ‘पिछले 70 साल से देश में आपके परिवार की ही सरकार थी, उन्होंने देश को क्या विजन दिया?’ बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी देश के सांसद हैं, देश की प्रमुख पार्टी के मुखिया हैं, ऐसे में वह विदेश में देश का अपमान करते हैं। राहुल गांधी को इसके लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।

पात्रा ने कहा, ‘राहुल गांधी आपको देश की सही क्षमता की पहचान नहीं है। आपका पूरा भाषण झूठ और फरेब से लबरेज था। राहुल गांधी ने अपने भाषण में झूठ बोला कि दलितों की सहायता करने वाले कानून को मोदी सरकार ने खत्म कर दिया।’ बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, ‘राहुल जी आप उस समय संसद में मौजूद नहीं थे क्या जिस समय इस कानून को और मजबूती के साथ पेश किया गया था।’ संबित पात्रा ने कहा कि अपने भाषण में राहुल गांधी ने देश की संस्कृति का अपमान किया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जर्मनी में अपने भाषण में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट का उदाहरण देते हुए कहा था कि विकास प्रक्रिया से बड़ी संख्या में लोगों को बाहर रखने से दुनिया में कहीं भी आतंकवादी संगठन पैदा हो सकता है। राहुल ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने विकास की प्रक्रिया से आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों को बाहर रखा है तथा ‘यह एक खतरनाक बात बन सकती है।’ उन्होंने कहा, ’21वीं सदी में लोगों को बाहर रखना काफी खतरनाक है। अगर आप 21वीं सदी में लोगों को कोई विजन नहीं देते तो कोई ओर देगा और विकास प्रक्रिया से बड़ी संख्या में लोगों को बाहर रखने का यह असली खतरा है।’

दरअसल राहुल गांधी ब्रिटेन और जर्मनी के चार दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने हैम्बर्ग के बुसेरियस समर स्कूल में एक कार्यक्रम के दौरान मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों को अब सरकार से कोई फायदा नहीं मिलता। उनको फायदा देने वाली सारी योजनाओं का पैसा चंद बड़े कॉर्पोरेट के पास जा रहा है।’ इसके अलावा उन्होंने शरणार्थियों के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘शरणार्थियों के अपमान का कारण कामगारों के बीच नौकरियों की कमी होना है। इससे घृणा और टकराव पैदा हो रहा है।’

भारत की जनसंख्या को लेकर राहुल ने कहा, भारत में यदि हम सभी लोगों को रोजगार दे पाते हैं तो जनसंख्या अपने आप में कोई समस्या नहीं है।’ भारत और चीन के बीच तुलना पर राहुल ने कहा कि भारत में लोग जो चाहते हैं वो व्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत और चीन के बीच कोई होड़ नहीं है। हो सकता है कि चीन भारत की तुलना में तेजी से बढ़ रहा हो, लेकिन भारत में लोग जो चाहते हैं वो व्यक्त कर सकते हैं, और यही मायने रखता है।

इसके अलावा चीन और अमेरिका के साथ भारत के संबंधों पर राहुल ने कहा, ‘अमेरिका के साथ भारत के सामरिक संबंध हैं, और हम उसके साथ लोकतंत्र जैसे कुछ विचार साझा करते हैं। लेकिन चीन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। भारत की भूमिका इन दो शक्तियों को संतुलित करने की है।’

निरंजन कुमार

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