राजस्थान के बाड़मेर में पंडाल गिरने से 14 लोगों की मौत

राजस्थान के बाड़मेर (Barmer) में रविवार को पंडाल (Pandal) गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई और लगभग 55 अन्य घायल हो गए।

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Rajasthan: राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर जिले (Barmer) के जसोल कस्बे में रविवार शाम को तेज अंधड और बारिश के दौरान रामकथा का पंडाल (Pandal) गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई और 55 घायल हो गए। पंडाल गिरते ही बिजली का करंट फैल गया, जिसके कारण अधिकांश मौत हुई। मृतकों में 12 लोगों की पहचान हुई है। कुछ मौत भगदड़ मचने से भी हुई। रामकथा के दौरान करीब दो हजार में लोग मौजूद थे। बाडमेर जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित जसोल कस्बे में हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक सहित अन्य उच्च अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे। घायलों को पहले तो बालोतरा के स्थानीय नाहटा अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन फिर एंबुलेंस और निजी वाहनों से बाड़मेर एवं जोधपुर के सरकारी अस्पताल के लिए रवाना किया गया है। रविवार का अवकाश होने के कारण चिकित्सकों की छुट्टी रद्द कर ड्यूटी पर लौटने के लिए कहा गया है। मृतकों में अधिकांश बुजुर्ग शामिल हैं।

राजस्थान सरकार ने घटना के जद में आए लोगों को मुआवजा देने का ऐलान किया है। सीएम अशोक गहलोत ने इस घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों को 5 लाख रुपये देने की घोषणा की है। घायलों को 2 लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राजस्थान के बाड़मेर में पंडाल का गिरना दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरे संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।

गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा ‘ राजस्थान के बाड़मेर में एक पंडाल के गिरने से लोगों की मौत के बारे में जानकर दुख हुआ। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।’

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कहा ‘जसोल,बाड़मेर में राम कथा के दौरान टेंट गिरने से हुए हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने की जानकारी अत्यंत दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण है।ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने,शोकाकुल परिजनों को संबल देने की प्रार्थना है। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उनके मुताबिक, स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत व बचाव कार्य जारी है। संबंधित अधिकारियों को हादसे की जांच करने, घायलों का शीघ्र उपचार सुनिश्चित करने, प्रभावितों व उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

जिला कलेक्टर हिंमाशु गुप्ता ने बताया कि मृतकों में नौ महिलाएं और सात पुरुष शामिल हैं। इनमें से 13 ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और शेष तीन की मौत अस्पताल ले जाते समय हुई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से टेलिफोन पर बात कर बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए है। गहलोत ने हादसे पर संवेदना जताते हुए दो केबिनेट मंत्रियों रमेश मीणा और सालेह मोहम्मद को तत्काल जसोल पहुंचकर राहत कार्यों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। मृतकों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं।

रामकथा का आयोजन स्थानीय लोगों ने किया था। आयोजकों ने रामकथा के लिए ना तो जिला प्रशासन से मंजूरी ली थी और ना ही मौके पर हजारों लोगों की मौजूदगी के बावजूद आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई प्रबंध था। फायर और पुलिस से भी अनुमति नहीं ली गई थी। मौके पर एंबुलेंस भी नहीं थी। एक मंदिर के पास सरकारी स्कूल के खुले मैदान में 200 फीट बड़ा पंडाल भी केवल पतले लोहे के खंभों पर लगाया गया था। बिजली का कनेक्शन भी अस्थाई लिया गया था। रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे अचानाक आए तेज अंधड और बारिश के बीच पांडाल गिर गया, जिससे बिजली के तार नीचे गए और मौके पर करंट फैल गया।

जानकारी के अनुसार, 10 लोगों की मौत करंट लगने से हुई और शेष भगदड़ में मारे गए। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस महानिरीक्षक सचिन मित्तल, जिला कलेक्टर हिंमाशु गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन लाल, क्षेत्रीय विधायक मदन प्रजापत, पूर्व मंत्री अमराराम, नगर परिषद के रतन खत्री और भाजपा जिला अध्यक्ष महेश चौहान आदि मौके पर पहुंचे।

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