पंजाब के बाद अब राजस्थान कांग्रेस में भी अंदरूनी कलह

यह पहली बार नहीं जब इन दोनों नेताओं की सीएम के सामने बहस हुई हो। इससे पहले अक्टूबर 2020 में सीएम आवास पर शहरी निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर भी दोनों नेताओं की बहस हुई थी।

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RAJASTHAN: पंजाब के बाद अब राजस्थान कांग्रेस में भी अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। दरअसल, खबर है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के साथ बुधवार रात हुई कैबिनेट की बैठक के दौरान सरकार के दो मंत्री आपस में भिड़ गए। यह भिड़ंत शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) और राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) में हुई। दोनों नेताओं के बीच विवाद इतना बढ़ा कि वहां मौजूद अन्य मंत्रियों को बीच-बचाव कर मामला ठंडा करवाना पड़ा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बैठक सीएम आवास पर बुलाई गई थी। इस दौरान गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने सभी जिला कलेक्टरों को ज्ञापन देने को कहा, जिसका शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) ने विरोध किया। शांति धारीवाल का कहना था कि ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा जाना चाहिए, कलेक्टर को देने से क्या होगा। इस पर डोटासरा ने कहा कि राष्ट्रपति को देकर भी क्या कर लोगे। दोनों के बीच हुई इस बहस को सीएम गहलोत भी देखते रह गए।

बैठक के दौरान खुद मुख्यमंत्री गहलोत (Ashok Gehlot) ने दोनों नेताओं को शांत रहने को कहा। हालांकि, यह विवाद थमा नहीं बल्कि बैठक खत्म होने के बाद बाहर आकर भी दोनों मंत्री खुलेआम आपस में भिड़ गए। खबरों के मुताबिक, साथी मंत्रियों ने बीच-बचाव किया नहीं तो उनमें हाथापाई तक की नौबत आ गई थी।

बैठक खत्म होने के बाद धारीवाल ने डोटासरा से कहा कि वह उनके आदेश को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं। इस पर डोटासरा ने कहा कि वह जब तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं, उनके आदेश मानने पड़ेंगे। डोटासरा ने यह भी कहा कि वह इस मामले की पूरी रिपोर्ट सोनिया गांधी को देंगे।

यह पहली बार नहीं जब इन दोनों नेताओं की सीएम के सामने बहस हुई हो। इससे पहले अक्टूबर 2020 में सीएम आवास पर शहरी निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर भी दोनों नेताओं की बहस हुई थी।

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