गठबंधन के दूसरे ही दिन शिवसेना की भाजपा को चेतावनी

रामदास कदम ने कहा कि अगर भाजपा अपने वादे को पूरा नहीं करना चाहती तो वह फौरन ही चुनाव पूर्व गठबंधन तोड़ने के लिए स्वतंत्र है.

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Maharashtra: महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच समझौता (BJP-Shiv Sena Alliance) हुए ज़्यादा वक्त नहीं हुआ है, लेकिन इसे लेकर सवाल भी उठने लगे हैं. शिवसेना के नेता रामदास कदम (Ramdas Kadam) ने मुख्यमंत्री पद को लेकर सवाल खड़ा किया है. शिवसेना के वरिष्ठ मंत्री रामदास कदम ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद साझा करने का समझौता होने के बाद उनकी पार्टी ने महाराष्ट्र में भाजपा के साथ गठबंधन किया है. राज्य में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. शिवसेना नेता ने कहा कि अगर भाजपा अपने वादे को पूरा नहीं करना चाहती तो वह फौरन ही चुनाव पूर्व गठबंधन तोड़ने के लिए स्वतंत्र है.

कदम ने कहा, ‘शिवसेना-भाजपा समझौते में दो बड़ी शर्तों पर सहमति बनी थी. पहला, कोंकण क्षेत्र में नानार रिफाइनरी परियोजना को रद्द करना और दूसरा, आधे-आधे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री का पद साझा करना.’ उन्होंने कहा कि भाजपा प्रमुख अमित शाह के वादे के बावजूद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का यह बयान देना अनुचित है कि विधानसभा चुनाव में अधिक सीटें हासिल करने वाली पार्टी मुख्यमंत्री पद पर फैसला करेगी. दरअसल, भाजपा के वरिष्ठ मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव में अधिक सीटें जीतने वाली पार्टी को मुख्यमंत्री का पद मिलेगा. इसके बाद कदम की यह टिप्पणी आई है.

कदम ने कहा, मुख्यमंत्री का पद ढाई-ढाई साल के लिए दोनों पार्टियों को देने का फैसला किया गया है. यदि भाजपा अपने वादे पूरा करना नहीं चाहती, तो उसे अभी गठबंधन तोड़ लेना चाहिए.’ बता दें कि भाजपा और शिवसेना ने लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को सीट बंटवारा समझौते की घोषणा की थी. हालांकि, इससे पहले वे अपने-अपने बूते चुनाव मैदान में उतरने का दावा कर रहे थे.

यह घोषणा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में की थी. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीटों में भाजपा 25 सीटों पर, जबकि शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं, 288 सदस्यीय राज्य विधानसभा चुनाव में अपने सहयोगी दलों को उनकी वाजिब हिस्सेदारी देते हुए बराबर-बराबर संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा.

बता दें कि 2014 का लोकसभा चुनाव दोनों पार्टियों ने साथ मिल कर लड़ा था. कुल 48 सीटों में भाजपा ने 23, जबकि शिवसेना ने 18 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं, 2014 का विधानसभा चुनाव दोनों पार्टियां अपने-अपने बूते लड़ी थी. 

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