प्रचार शुरू करते ही रो पड़ीं साध्वी प्रज्ञा, कहा- मुझे रात-रात भर बेल्ट से पीटा गया

प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मुद्दों को भावुकता के अंदाज में लपेटा और कथित तौर पर पुलिसिया ज्यादती की बातें करते हुए राजनीति नहीं बल्कि धर्मयुद्ध लड़ने की हुंकार भरी.

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भोपाल के अपने पहले चुनावी कार्यक्रम में भगवा पहने पहुंचीं 49 साल की प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Sadhvi Pragya) ने मुद्दों को भावुकता के अंदाज में लपेटा और कथित तौर पर पुलिसिया ज्यादती (Police Torture) की बातें करते हुए राजनीति नहीं बल्कि धर्मयुद्ध लड़ने की हुंकार भरी. इससे पहले उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने के लिए अदालत में याचिका भी दायर हो गई.

हुजूर विधानसभा (Huzoor) क्षेत्र से आए कार्यकर्ताओं के सामने प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा ‘जब मुझे गैरकानूनी तरीके से लेकर गए तो 13 दिन तक रखा. हिरासत में मुझे मोटे बेल्ट से पीटा गया. उसे झेलना आसान नहीं था. पूरा शरीर सूज जाता था, सुन्न पड़ जाता था. दिन और रात पीटते थे. मैं आपको अपनी पीड़ा नहीं बता रही हूं. लेकिन इतना कह रही हूं कि कोई महिला कभी इस पीड़ा का सामना न करे. पीटते-पीटते गंदी गालियां देते थे. वे कहलवाना चाहते थे कि तुमने एक विस्फोट किया है और मुस्लिमों को मारा है. सुबह हो जाती थी पिटते-पिटते, पीटने वाले लोग बदल जाते थे लेकिन पिटने वाली मैं सिर्फ अकेले रहती थी.’

प्रज्ञा भावुक हुईं तो उनके साथ हॉल में बैठे लोग भी. यह पहली बार है, जब बुधवार को उम्मीदवारी के औपचारिक ऐलान के बाद उन्होंने स्थानीय लोगों के बीच सभा की. हुजूर से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रज्ञा पर लगे आरोपों पर कहा ‘गंभीर आरोप नहीं हैं, बनावटी हैं, कांग्रेस ने हिन्दू धर्म को साधु-संतों को बदनाम किया, भगवा आतंकवाद दिग्विजय सिंह की देन थी. भोपाल राष्ट्र भक्तों का शहर है. यहां साध्वी जीतेंगी. उनकी वेदना यहां नया करेंट लाएगी.’

प्रज्ञा ठाकुर को सितंबर 2008 में हुए मालेगांव धमाकों के मामले में गिरफ्तार किया गया था. अप्रैल 2017 में उन्हें जमानत मिली. भोपाल में उनका मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से है. कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने कहा ‘बीजेपी को यहां चेहरा बदलना पड़ा. ये जाहिर है कि पिछले सांसद ने यहां कोई काम नहीं किया, जनता तय कर चुकी है कि उसे विकास पर संवाद करना है. उसको ये बात करनी है कि बच्चे का भविष्य कहां है, नौकरी कहां है. चुनाव भावुकता के ऊपर होता तो 70 फीसद वोट उनके खिलाफ नहीं जाता. हम सिर्फ विकास पर बात करेंगे.’

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