ISRO का सैटेलाइट GSAT-30 फ्रेंच गुआना से लॉन्च

ISRO ने संचार उपग्रह GSAT30 का प्रक्षेपण यूरोपीयन स्पेस एजेंसी एरियनस्पेस के फ्रेंच के गुआना में ARIANE-5 व्हीकल से सफलतापूर्वक कर दिया।

0
704

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 17 जनवरी शुक्रवार को सुबह करीब दो बजकर 35 मिनट पर संचार उपग्रह GSAT30 का प्रक्षेपण यूरोपीयन स्पेस एजेंसी एरियनस्पेस के फ्रेंच के गुआना में ARIANE-5 व्हीकल से सफलतापूर्वक कर दिया। इसके थोड़ी देर बाद यह व्हीकल से अलग हो गया और अपनी कक्षा की ओर बढ़ गया। ये सैटेलाइट INSAT-4A की जगह लेगा। GSAT30 का वजन करीब 3,357 किलोग्राम है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि इस सैटेलाइट के सफल प्रक्षेपण के बाद KU-Band और C-Band कवरेज में बढ़ोतरी होगी। इससे भारतीय क्षेत्र और द्वीपों के साथ बड़ी संख्या में खाड़ी और एशियाई देशों के साथ ऑस्ट्रेलिया में पहुंच बढ़ेगी। GSAT30 संचार सैटेलाइट है जो 15 साल के मिशन के लिए प्रक्षेपित किया गया है।

ISRO ने इस सैटेलाइट को 1-3केबस मॉडल में तैयार किया है जो जियोस्टेशनरी ऑर्बिट के C और KU-Band से संचार सेवाओं में मदद करेगा। इसरो के अनुसार इस सैटेलाइट की मदद से टेलीपोर्ट सेवा, डिजिटल सैटेलाइट न्यूज गैदरिंग, डीटीएच टेलिविजन सेवा, मोबाइल सेवा कनेक्टिविटी जैसे कई सुविधाओं को बेहतर करने में मदद मिलेगी। KU-Band सिग्नल से पृथ्वी पर चल रही गतिविधियों को पकड़ा जा सकता है।

एरियन स्पेस ने बयान जारी कर कहा है कि भारत के GSAT30 सैटेलाइट को गुआना स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा। इससे पहले 1981 में प्रयोगात्मक उपग्रह एपल को लॉन्च किया था। एरियन स्पेस से 23 उपग्रहों की परिक्रमा चल रही है और भारत ने 24 उपग्रहों को लॉन्च करने के लिए करार किया है।

गुआना के स्पेस सेंटर से 6 फरवरी 2019 को संचार उपग्रह GSAT31 को लॉन्च किया गया था। इसी तरह यहीं से 5 दिसंबर 2018 को 5,854 किलोग्राम वजनी GSAT11 को प्रक्षेपित किया गया था जो इसरो द्वारा निर्मित सबसे भारी उपग्रह था। इस उपग्रह से देशभर में इंटरनेट पहुंचाना था।

विशेषज्ञों का मानना है कि महज एक उपग्रह की लॉन्चिंग के लिए पूरी GSLV-MK-3 तकनीक को अपनाने में समय लगता है। इस कारण उन देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों से संपर्क किया जाता है जो इस तरह की तकनीक से उपग्रह को लॉन्च कर रही हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी दूसरे देशों के मिशन को अपने स्पेस सेंटर से अंजाम देती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here