नए संसद भवन के लिए शिलान्यास को SC की मंजूरी, मगर निर्माण-तोड़फोड़ पर रोक

सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सख्ती दिखाते हुए कहा कि जब तक कोई फैसला न सुनाया जाए, तब तक 'सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट' के तहत कोई निर्माण या कुछ भी तोड़फोड़ नही होनी चाहिए

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भारत के नए संसद भवन के निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सख्ती दिखाते हुए कहा कि जब तक कोई फैसला न सुनाया जाए, तब तक ‘सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट’ के तहत कोई निर्माण या कुछ भी तोड़फोड़ नही होनी चाहिए और न ही कोई पेड़ काटा जाना चाहिए। अदालत ने सालिसिटर जनरल से कहा कि आपने प्रेस रिलीज जारी कर निर्माण की तारीख तय की है। शिलान्यास से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन आगे कोई कंस्ट्रक्शन नहीं होना चाहिए।

बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 10 दिसंबर को नए संसद भवन के निर्माण के लिए आधारशिला रखेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि संसद का नया भवन 64,500 वर्गमीटर क्षेत्र में होगा और इसके निर्माण पर कुल 971 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है।

बिरला ने प्रस्तावित भवन के बारे में विवरण पेश करते हुए कहा था कि, ”लोकतंत्र का वर्तमान मंदिर अपने 100 साल पूरे कर रहा है। यह देशवासियों के लिए गर्व का विषय होगा कि नए भवन का निर्माण हमारे अपने लोगों द्वारा किया जाएगा, जो आत्मनिर्भर भारत का एक प्रमुख उदाहरण होगा।” उन्होंने कहा, ”नए भवन के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता प्रदर्शित होगी। आशा है कि आजादी के 75 साल पूरे होने पर संसद का सत्र नए भवन में आयोजित होगा।”
कैसा होगा नया संसद भवन

नए संसद भवन में एक विशाल संविधान कक्ष होगा, जिसमें भारत की लोकतांत्रिक धरोहर को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही सांसदों के लिए एक लॉन्ज होगा। उनके लिए पुस्तकालय, विभिन्न समितियों के कक्ष, भोजन कक्ष और पार्किंग क्षेत्र होगा। इस भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि राज्यसभा कक्ष में 384 सदस्य बैठ सकेंगे।

यह भविष्य में दोनों सदनों के सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। मौजूदा में समय में लोकसभा के 543 और राज्यसभा के 245 सदस्य हैं। गत सितंबर महीने में 861.90 करोड़ रुपए की लागत से नए संसद भवन के निर्माण का ठेका टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड को मिला था। यह नया भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत है और इसे वर्तमान संसद भवन के नजदीक बनाया जाएगा।

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