EU सांसदों के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

आतंकी EU सांसदों (European Union) के मंगलवार को होने वाले जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं.

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Jammu Kashmir – सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आतंकी EU सांसदों (European Union) के मंगलवार को होने वाले जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं. हालांकि, सांसदों के इस दौरे को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने घाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. बता दें कि आतंकी EU सांसदों के दौरे से पहले घाटी में माहौल खराब करने की हर संभव कोशिश कर रह हैं. कुछ दिन पहले ही बारामूला के सोपोर में ग्रेनेड से हमला करने के बाद अब आतंकियों ने अनंतनाग में सेब के एक ट्रक ड्राइवर की हत्या कर दी थी.

वहीं, आतंकियों ने सोमवार रात अनंतनाग के बिजबेहरा इलाके में एक ट्रक ड्राइवर को गोली मारकर हत्या कर दी. इससे पहले भी दो हफ्ते के भीतर तीन ट्रक ड्राइवरों को गोली मारी गई है. आतंकवादियों ने कश्मीर के सोपोर में ग्रेनेड हमला कर सात लोगों को घायल कर दिया. इनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है. बीते तीन दिनों में कश्मीर में यह दूसरा ग्रेनेड हमला है. इससे पहले शनिवार को श्रीनगर के कर्णनगर इलाके में सीआरपीएफ के छह जवान आतंकियों के ग्रेनेड हमले में घायल हुए थे. आतंकियों द्वारा की जाने वाली घटनाओं में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए सुरक्षा बल आशंका जता रहे हैं कि आतंकी मंगलवार को कश्मीर में और हमले कर सकते हैं, ताकि EU सांसदों के सामने स्थिति को तनावपूर्व दिखाया जा सके.

EU के सांसदों के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर राहुल गांधी ने भी कुछ दिन पहले एक बड़ा बयान दिया था. यूरोपीय सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के प्रस्तावित जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया था कि भारतीय सांसदों को रोकने और विदेशी नेताओं को वहां जाने की अनुमति देने में ‘कुछ न कुछ बहुत गलत है.’ राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘यूरोप से आए सांसदों का जम्मू-कश्मीर का दौरा करने के लिए स्वागत है जबकि भारतीय सांसदों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी जाती है. कुछ न कुछ ऐसा है जो बहुत गलत है.’

बता दें, यूरोपीय संघ के 27 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा करने वाला है. यह शिष्टमंडल अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करने के बाद वहां की स्थिति का आकलन करेगा. ये सांसद जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनके अनुभव जानना चाहते हैं.

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