भाजपा स्थापना दिवस पर ही क्यों शत्रुघ्न सिन्हा ने थामा कांग्रेस का हाथ ?

शत्रुघ्न सिन्हा के कांग्रेस में शामिल होने पर रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा जी का आध्यात्मिक और वैचारिक रूप से गांघी, नेहरू और सरदार पटेल से लगाव रहा है।

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भाजपा छोड़ चुके मशहूर अभिनेता शत्रुध्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) ने आखिरकार भाजपा के स्थापना दिवस (BJP Foundation day) पर कांग्रेस का हाथ थामा लिया। दिल्ली में आज कांग्रेस (Congress) के अध्यक्ष राहुल गांधी उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। कांग्रेस के टिकट से शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब संसदीय सीट से इस बार पार्टी के उम्मीदवार होंगे।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला, बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहित और केसी वेणुगोपाल मौजूद रहे। शत्रुघ्न सिन्हा के कांग्रेस में शामिल होने पर रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा जी का आध्यात्मिक और वैचारिक रूप से गांघी, नेहरू और सरदार पटेल से लगाव रहा है।

कांग्रेस का हाथ थामने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी को 39वीं स्थापना दिवस (39th foundation day) की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज के दिन पार्टी छोड़ना मेरे लिए दुखद है। भाजपा पर हमला बोलते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मैंने लोकशाही को तानाशाही में परिवर्तित होते देखा है। वरिष्ठ लोगों को मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया गया, मार्गदर्शक मंडल की आज तक एक बैठक नहीं हुई। यशवंत सिन्हा को इतना मजबूर किया गया कि उनको पार्टी छोड़नी पड़ी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर हमला बोलते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा को वन मैन शो और टू मैन आर्मी करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा में विरोधियों को दुश्मन नहीं समझा जाता था। लेकिन अब इस पार्टी में विरोधियों को दुश्मन के तौर पर देखा जाता है।

इस दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर भी भाजपा पर सवाल दागा। सिन्हा ने कहा कि अचानक से नोटबंदी का फैसला लिया गया जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। लाइन में लगने की वजह से कई लोगों की मौत भी हो गई। उन्होंने जीएसटी को विश्व का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया।

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि भाजपा कहती है की वो दुनियां की सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन किसी को पता नहीं कब और कैसे इतने कार्यकर्ता बन गए। कभी पार्टी कहती है कि 7 करोड़ कार्यकर्ता है,तो कभी कहती है की 11 करोड़ कार्यकर्ता हैं। भारतीय जनता पार्टी ने हजरों करोड़ रुपये प्रचार में खर्च किए, लेकिन देश के विकास के लिए कुछ नहीं किया।

बता दें कि पिछले महीने 28 मार्च को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी और पार्टी में शामिल होने को लेकर उनसे बातचीत की थी। उसके बाद उन्होंने एलान किया था कि नवरात्र का पहला दिन शुभ है और इसी दिन नई शुरुआत होगी। इसके बाद कांग्रेस प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल ने एक ट्वीट कर बताया था कि बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा 6 अप्रैल को औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल होंगे।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा संभवतः कांग्रेस के टिकट से पटना साहिब सीट से चुनाव लड़ेंगे। वे पहले से ही कहते रहे हैं कि ‘सिचुएशन जो भी हो, लोकेशन वही होगा’। बीजेपी ने इस बार उनहें टिकट न देकर इस सीट से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को उतारा है।

शत्रुघ्न सिन्हा पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगता रहा है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के कामकाज की आलोचना करते रहे हैं और दोनों पर देश को तानाशाह की तरह चलाने का आरोप लगाते रहे हैं। वे पार्टी में रहने के बावजूद विपक्ष की रैलियों को भी संबोधित करते रहे हैं। शत्रुघ्न सिन्हा कहते रहे हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में लोकशाही थी, जबकि मोदी सरकार में ‘तानाशाही’ है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने अभी हाल में ही कहा कि राज की बात तो सब जानते थे। हां, मैंने सोनिया जी, राहुल और प्रियंका के साथ हाथ मिलाया है। मैं अब कांग्रेस का हिस्सा हूं। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, मैंने बहुत सोच विचार कर यह फैसला किया है। कांग्रेस वही पार्टी है, जिसने भारत को आजाद कराया। उसने हमें सरदार वल्लभ भाई पटेल, पंडित जवाहर लाल नेहरू जैसे राष्ट्रीय नेता दिए हैं।

पिछले दिनों सिन्हा ने रांची जाकर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से भी मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके राजद में शामिल होने की अटकलें लगायी जा रही थीं। लेकिन, आज सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए शत्रुघ्न सिन्हा विधिवत कांग्रेस में शामिल होंगे।

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