श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मौतों के बीच रेलवे ने दी सलाह, अबतक 9 की गई जान

27 मई को 48 घंटे के अंदर श्रमिक ट्रेन में कम से कम नौ यात्रियों की मौत हो गई। रेलवे का कहना है कि इन सभी का स्वास्थ्य ठीक नहीं था।

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श्रमिक स्पेशल ट्रेनों (Shramik Special) में नौ मौतें होने के बाद भारतीय रेलवे ने शुक्रवार को लोगों से अपील की है कि यदि वे पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त हैं या उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है तो ट्रेन से यात्रा न करें। 27 मई को 48 घंटे के अंदर श्रमिक ट्रेन में कम से कम नौ यात्रियों की मौत हो गई। रेलवे का कहना है कि इन सभी का स्वास्थ्य ठीक नहीं था।

रेलवे एक मई से रोजाना श्रमिक ट्रेनों का संचालन कर रहा है ताकि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाया जा सके। बयान में रेल मंत्रालय ने कहा, ‘यह देखा गया है कि कुछ लोग जो इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं, वे पहले से ही किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं। यह COVID-19 महामारी के दौरान उनके सामने आने वाले जोखिम को बढ़ाती है। यात्रा के दौरान कुछ लोगों की मौत पहले से स्वास्थ्य खराब होने की वजह से हो गई है।’
 
मंत्रालय का कहना है कि ऐसा देखा गया है कि पहले से ही किसी बीमारी से जूझ रहे कुछ लोग श्रमिक ट्रेनों में यात्रा कर रहे हैं, जिससे कोविड-19 संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

मंत्रालय ने COVID-19 के संक्रमण से कमजोर व्यक्तियों को बचाने के लिए अपील की है। मंत्रालय का कहना है कि जो लोग पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त हैं (जैसे- हाइपरटेंशन, डायबिटीज, कैंसर, दिल से संबंधित बीमारी), गर्भवती महिलाएं, 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों अनुसार जब तक जरूरी न हो तब तक रेल यात्रा को नजरअंदाज करने की अपील की जाती है।

मंत्रालय का कहना है कि रेलवे का परिवार 24 घंटे और सातों दिन काम कर रहा है ताकि यात्रा करने वाले हर नागरिक को रेल की सुविधा प्रदान की जा सके। हम इस मामले में सभी नागरिकों का सहयोग चाहते हैं। किसी भी संकट या आपातकाल के मामले में कृपया अपने रेलवे परिवार तक पहुंचने में संकोच न करें और हम आपकी हमेशा की तरह मदद करेंगे। 

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