सोनिया गांधी चौथी बार चुनी गईं कांग्रेस संसदीय दल की नेता।

राहुल गांधी ने कहा कि सभी सदस्यों को एक बात याद रखनी चाहिए कि हम सभी संविधान और हर भारतीय के लिए लड़ रहे हैं. हमारे पास अभी भी 52 सांसद हैं और हम हर दिन बीजेपी से लड़ेंगे.

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UPA की अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को शनिवार को कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुना गया. इससे पहले भी सोनिया गांधी यह भूमिका निभा रही थीं. संसद के केंद्रीय कक्ष में हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया गांधी को नेता चुना गया.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक नेता चुने जाने के बाद सोनिया ने देश के उन 12.13 करोड़ मतदाताओं का आभार प्रकट किया जिन्होंने इस लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) में कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया. पार्टी के सभी 52 लोकसभा सांसद बैठक में मौजूद थे. इस बैठक में कांग्रेस के राज्यसभा सदस्यों ने भी हिस्सा लिया. जिसमें संसद के आगामी सत्र के लिए रणनीति भी तय की गई. संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने वोटरों को धन्यवाद दिया जिन्होंने कांग्रेस को वोट दिया और कहा कि वह भारतीय के लिए लड़ेंगी.

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को नेता चुने जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सभी सदस्यों को एक बात याद रखनी चाहिए कि हम सभी संविधान और हर भारतीय के लिए लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारे पास अभी भी 52 सांसद हैं और हम हर दिन बीजेपी से लड़ेंगे. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता को यह याद रखना चाहिए कि वह संविधान एवं देश के हर नागरिक के लिए लड़ रहा है.

कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा, ”कांग्रेस के हर कार्यकर्ता को यह याद रखना चाहिए कि आप संविधान के लिए लड़ रहे हैं, आप देश के हर व्यक्ति के लिए लड़ रहे हैं चाहे वह किसी भी रंग या आस्था का हो.” कांग्रेस अध्यक्ष ने लोकसभा चुनाव में मेहनत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट किया. गत 25 मई को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश करने के बाद गांधी पहली बार पार्टी की किसी बैठक में शामिल हुए.

दरअसल, कांग्रेस को इस चुनाव में कुल 52 सीटें हासिल हुई हैं जिस वजह से सदन में उसके नेता को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी एक फिर नहीं मिलेगी. कांग्रेस के सामने इस बार लोकसभा में नेता चुनने के समय एक बड़ी मुश्किल और आएगी कि उसके पास बहुत सारे विकल्प नहीं हैं. पार्टी नेताओं के एक धड़े के बीच यह चर्चा भी है कि पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को लोकसभा में पार्टी की नेता की जिम्मेदारी दी जा सकती हैं, हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता इसे फिलहाल अटकलबाजी ही करार दे रहे हैं. इससे पहले 16वीं लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे लोकसभा में कांग्रेस के नेता और ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य सचेतक थे.

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